Vijay Diwas 2021: विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ आज, झारखंड के पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने जवानों के शौर्य को किया याद
Jharkhand News: विजय दिवस के अवसर पर झारखंड (Jharkhand) के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने बहादुर सैनिकों के शौर्य को याद किया और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.

Vijay Diwas 2021: साल 1971 में आज ही के दिन (16 दिसंबर) को ही भारत ने आधिकारिक तौर से पाकिस्तान (Pakistan) पर विजय की घोषणा की थी. इसलिए, हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस (Vijay Diwas) मनाया जाता है. झारखंड (Jharkhand) के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने बहादुर सैनिकों के शौर्य को याद किया और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं.
शौर्य गाथा सदैव गौरवान्वित करती रहेगी
बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर कहा कि, '16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम व शौर्य के आगे पाकिस्तानी सेना ने घुटने टेक दिए थे. भारतीय सेना की यह शौर्य गाथा सदैव गौरवान्वित करती रहेगी. आप सभी को "विजय दिवस" की शुभकामनाएं.
16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय सेना के अदम्य साहस,पराक्रम व शौर्य के आगे पाकिस्तानी सेना ने घुटने टेक दिए थे।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) December 16, 2021
भारतीय सेना की यह शौर्य गाथा सदैव गौरवान्वित करती रहेगी।
आप सभी को "विजय दिवस" की शुभकामनाएं।
जय हिंद।#VijayDiwas #विजय_दिवस pic.twitter.com/yO43gq3pUv
जलाई गई स्वर्णिम विजय मशाल
बता दें कि, भारत की 1971 के युद्ध में जीत और बांग्लादेश के गठन के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वर्णिम विजय वर्ष समारोह के एक हिस्से के रूप में, पिछले साल 16 दिसंबर को, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में अनंत ज्वाला से स्वर्णिम विजय मशाल को जलाया था. उन्होंने चार मशालें भी जलाई ये चार मशालें सियाचिन, कन्याकुमारी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लोंगेवाला, कच्छ के रण, अगरतला आदि सहित देश की लंबाई और चौड़ाई में फैल गई हैं. मशालों को प्रमुख युद्ध क्षेत्रों और वीरता पुरस्कार विजेताओं और 1971 के युद्ध के दिग्गजों के घरों में भी ले जाया गया है.
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