'उन दहशहतगर्दों ने मेरे बेटे आदिल को मारा था', अमेरिका ने TRF पर लिया फैसला तो बोले पहलगाम के हैदर शाह
USA Lists TRF as Terrorist Organization: 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) को अमेरिका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया. आदिल हुसैन के पिता ने इस फैसले का स्वागत किया, जिनके बेटे ने पहलगाम में अपनी जान गंवाई थी.

पहलगाम में आतंकी हमले के जिम्मेदार द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को अमेरिका ने 'विदेशी आतंकवादी संगठन' (FTO) की लिस्ट में शामिल कर लिया है. अमेरिका के इस फैसले का जम्मू-कश्मीर के लोगों ने स्वागत किया है. खासकर आदिल हुसैन के पिता ने इसपर खुशी जताई है.
पहलगाम आतंकी हमले में पर्यटकों की जान बचाते-बचाते खुद की कुर्बानी देने वाले टट्टू चालक आदिल हुसैन ने वीरता की जो मिसाल दी थी, उसे कोई नहीं भुला सकता. आदिल हुसैन के परिवार को अब उनका बेटा तो कभी वापस नहीं मिलेगा, लेकिन वे आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं.
'फिर न हो बेगुनाहों का कत्ल'- आदिल शाह के पिता
ऐसे में जब TRF को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया तो आदिल हुसैन के पिता हैदर शाह ने खुशी जाहिर की. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, "TRF पर जो बैन लगाया गया है, इससे हम खुश हैं. इन लोगों ने मेरे बेटे को पहलगाम में गोलियों से मारा और उसकी हत्या कर दी. हम खुश हैं कि TRF पर दबाव बनाकर उसे नाकामयाब करने के लिए कदम उठाया गया है. हमें इंसाफ मिल रहा है."
#WATCH | The US Department of State designates The Resistance Front (TRF) as a Foreign Terrorist Organisation (FTO).
— ANI (@ANI) July 18, 2025
From Anantnag, J&K | Hyder Shah, father of Syed Adil Hussain Shah, who died in the Pahalgam terror attack while trying to save the tourists, says, "We are very… pic.twitter.com/XPtOjMjpum
हैदर शाह ने आगे कहा, "वो दहशतगर्द लोग जो बेगुनाहों का कत्ल करते हैं, उनपर पूरी तरह से बैन लगना चाहिए और उनका खात्मा होना चाहिए ताकि हमारे और नौजवानों की हत्या न हो. मेरे बेटे आदिल जैसे लोगों को और उन 26 पर्यटकों की तरह अन्य लोगों को न मारा जाए."
क्या है TRF?
द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक हिस्सा है, जिसने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली है. अप्रैल में कश्मीर घूमने आए पर्यटकों पर बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने हमला कर दिया था. लोगों से उनका धर्म पूछकर और उनसे कलमा सुनकर उन्हें गोलियां मारी गई थीं. इस कायराना हमले में हमने 26 लोगों को खो दिया था.
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Source: IOCL























