Jammu Kashmir News: सोपोर में छात्र प्रदर्शन हिंसक होने पर एक्शन, 6 लोगों पर लगा PSA
Jammu Kashmir News In HIndi: सोपोर में छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद भड़के प्रदर्शन के हिंसक होने पर पुलिस ने 6 लोगों पर PSA लगाया है, जबकि 25 अन्य की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी है.

जम्मू-कश्मीर के सोपोर में छात्र विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 6 लोगों के खिलाफ पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत मामला दर्ज किया है. यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई, जिसमें एक छात्रा ने स्कूल के एक लेक्चरर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. मामला सामने आते ही छात्रों में गुस्सा भड़क गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
यह घटना सोपोर के एक सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल की है. 14 अप्रैल को एक छात्रा ने सीनियर लेक्चरर गुलाम हसन मीर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. शिकायत दर्ज होते ही छात्रों ने स्कूल परिसर में विरोध शुरू कर दिया. शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ ही देर में माहौल बिगड़ गया और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं.
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पुलिस ने जिन 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान उमर अकबर हाजम, सलमान अहमद शाला, अल्ताफ अहमद शेख, मुबाशिर अहमद गिलकर, मुज़म्मिल मुश्ताक चंगा और माजिद फिरदौस डार के रूप में हुई है. ये सभी सोपोर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं. हालांकि, पुलिस ने यह साफ नहीं किया है कि ये सभी छात्र हैं या आम नागरिक.
PSA के तहत हिरासत
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने, भीड़ को उकसाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में भूमिका निभाई. अधिकारियों का कहना है कि इससे इलाके की कानून-व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हुआ.
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद इन सभी के खिलाफ हिरासत वारंट जारी किया गया और उन्हें जिला जेल भद्रवाह भेज दिया गया है.
25 और लोग भी रडार पर
पुलिस ने बताया कि घटना के वीडियो फुटेज की जांच के बाद करीब 25 अन्य लोगों की पहचान भी की गई है. इनके खिलाफ भी जल्द ही इसी तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. पुलिस का कहना है कि जो भी व्यक्ति कानून हाथ में लेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है.
पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां
विरोध प्रदर्शन के दिन ही पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था. सोपोर के SSP इफ्तिखार तालिब ने उस समय बताया था कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए तत्काल कदम उठाए गए. उनका कहना था कि हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इस घटना ने छात्रों में काफी आक्रोश पैदा किया. वे आरोपी लेक्चरर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे. लेकिन विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे हिंसक हो गया, जिससे स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और इलाके में तनाव फैल गया.
पुलिस ने अभिभावकों और समाज के जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे युवाओं को कानून का पालन करने के लिए प्रेरित करें. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि “युवाओं को उकसावे में आकर गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहिए. अभिभावक अपने बच्चों को सही दिशा दिखाएं.”
जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर
पुलिस ने साफ किया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जा रही है. यानी किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश पर तुरंत और सख्त कार्रवाई होगी.
























