Jammu Kashmir News: उमर अब्दुल्ला की 'सीक्रेट मीटिंग' से बढ़ीं अटकलें, विधायकों को भी नहीं पता था ठिकाना
Jammu Kashmir News In Hindi: उमर अब्दुल्ला की इस सीक्रेट मीटिंग से अटकलें बढ़ गई हैं. बताया जा रहा है कि इस मीटिंग का ठिकाना विधायकों खुद भी नहीं पता था.

राजनीतिक दरार और शासन में कमी की अटकलों के बीच, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा बुलाई गई अहम बैठक एक पहेली बन गई, क्योंकि सभी विधायकों और सांसदों को खड़ी गाड़ियों में बिठाकर किसी अनजान जगह ले जाया गया. उमर अब्दुल्ला की इस सीक्रेट मीटिंग से अटकलें बढ़ गई हैं. बताया जा रहा है कि इस मीटिंग का ठिकाना विधायकों खुद भी नहीं पता था.
बैठक के तय समय पर, पांच सेमी-लग्जरी MPV गाड़ियां निकलीं, जिनमें जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस तथा उसके सहयोगी दलों के अन्य विधायक सवार थे. ये गाड़ियां लोक भवन की ओर जाने वाली सड़क पर आगे बढ़ीं. यहां तक कि उपमुख्यमंत्री को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि काफिला कहां जा रहा है. उन्होंने गाड़ी के अंदर से ही "लोक भवन" की ओर इशारा किया.
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राबता कार्यालय में होने वाली थी बैठक
यह अहम बैठक पहले मुख्यमंत्री के राबता कार्यालय में होनी तय थी, फिर इसे नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के आवास पर स्थानांतरित कर दिया गया, लेकिन अंततः यह बैठक दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित सरकारी विश्राम गृह में हो रही है. जो लाल चौक से लगभग 22 किलोमीटर दूर है.
हालांकि, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक को आखिरी समय में उनके गुपकार स्थित आवास से दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन कई विधायकों को आखिरी समय तक बैठक के स्थान में हुए इस बदलाव की जानकारी नहीं थी.
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट की स्थिति
'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बैठक का स्थान अचानक नहीं बदला गया था, बल्कि किसी बाहरी स्थान पर बैठक आयोजित करने का निर्णय काफी पहले ही ले लिया गया था. उमर अब्दुल्ला ने 'X' पर लिखा, "मुझे आपको निराश करने का खेद है, लेकिन बैठक को आखिरी समय में स्थानांतरित नहीं किया गया है. मेरा इरादा हमेशा से ही इस बैठक को किसी बाहरी स्थान पर आयोजित करने का था, और जिस स्थान को मैंने मूल रूप से चुना था, वहां सभी व्यवस्थाएँ कई दिन पहले ही पूरी कर ली गई थीं."
क्या बोले विधायक नजीर खान?
हालांकि, ABP न्यूज से बात करते हुए गुरेज से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर खान ने कहा कि यह एक नियमित बैठक थी और इसे नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के 19 महीनों के कामकाज की प्रगति पर चर्चा करने के लिए निर्धारित किया गया था.
नजीर खान ने कहा, "पार्टी में किसी भी तरह की फूट की कोई खबर नहीं है और न ही सरकार पर कोई खतरा है. हम यहां सरकार के कामकाज पर चर्चा करने के लिए मिल रहे हैं, और यह एक नियमित बैठक है."
विधायक सैफ-उद-दीन ने क्या बताया?
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से यह स्पष्टीकरण तब आया, जब मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के मुख्यमंत्री के गुपकार स्थित आवास से बैठक के नए स्थान की ओर जाने को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं.
बडगाम के खान साहिब से एक अन्य विधायक सैफ-उद-दीन, जो सुबह करीब 11 बजे डॉ. फारूक अब्दुल्ला के घर पहुंचे थे, उन्हें मीटिंग की नई जगह के बारे में पता नहीं था. उन्हें वहां पहुंचने के लिए बेचैनी से फोन करते देखा गया, क्योंकि सभी MLAs को अपनी गाड़ियां CM उमर अब्दुल्ला के गुपकार ऑफिस में ही पार्क करने के लिए मजबूर किया गया था.
'मीटिंग से कई दिन पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं'
मुख्यमंत्री का बयान शायद उन रिपोर्टों को शांत करने की एक कोशिश थी, जिनमें दावा किया गया था कि मीटिंग की जगह आखिरी समय में बदली गई थी. उन्होंने जोर देकर कहा कि मीटिंग से कई दिन पहले ही सारी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं. लेकिन मीटिंग से पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
फारूक को कैमरे में अपने घर के लॉन में बैठे हुए देखा गया, जबकि गाड़ियों का काफिला करीब एक घंटे पहले ही वहां से निकल चुका था. इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी अध्यक्ष को इस अहम मीटिंग से बाहर रखा गया था.
























