जम्मू: बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा शुरू, कड़ी सुरक्षा में पहला जत्था रवाना
Budha Amarnath Yatra Begins: यात्रियों का पहला जत्था जम्मू से पुंछ की तरफ रवाना हुआ. बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के चलते इस यात्रा को लेकर श्रद्धालु में थोड़ी कमी देखी गई थी.

जम्मू में सोमवार (17 अगस्त) से 12 दिनों तक चलने वाली बाबा बूढ़ा अमरनाथ की यात्रा का शुभारंभ हो गया है. कड़ी सुरक्षा के बीच यात्रियों का पहला जत्था जम्मू से पुंछ की तरफ रवाना हुआ. बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के चलते इस यात्रा को लेकर श्रद्धालु में थोड़ी कमी देखी गई थी.
इस साल यह यात्रा शुरू होते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा बूढ़ा अमरनाथ के दर्शनों के लिए जम्मू से रवाना हुए. पुंछ जिले के मंडी तहसील के राजपुरा गांव में स्थित प्राचीन बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर की 12 दिन तक चलने वाली सालाना बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा आज शुरू होकर 28 अगस्त, 2026 तक चलेगी, जो रक्षा बंधन के आस-पास पूरी होगी.
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श्रद्धालुओं में यात्रों को लेकर दिखा जोश
इस यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालुओं में जोश देखते ही बनता था. पंचशील भारत पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल पर पड़ता है जिसके उस पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से लगातार पाकिस्तान सेना के खिलाफ आवाज उठ रही है. इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं श्रद्धालुओं का दावा है कि अब वह समय आ गया है जब भारत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर अपना कब्जा जमा देगा.
इस बीच, अधिकारियों ने पुंछ, राजौरी और रास्ते में आने वाले इलाकों में कड़ी सुरक्षा और निगरानी का इंतजाम किया है. श्रद्धालुओं का काफिला पुलिस की सुरक्षा में आगे बढ़ेगा और इसके साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है. जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों ने यात्रा के रास्ते में वॉटर-प्रूफ टेंट, कम्युनिटी किचन (लंगर) की जगह, पार्किंग की व्यवस्था और हेल्थ केयर सेंटर जैसी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.
प्रशासन ने यात्रा के लिए शुरू किया पोर्टल
पुंछ जिला प्रशासन ने देश भर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने के लिए एक खास पोर्टल शुरू किया है. बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा हिंदुओं की एक सालाना तीर्थयात्रा है जो मॉनसून के पवित्र महीने श्रावण (जुलाई-अगस्त) में होती है. यह यात्रा पुंछ जिले की मंडी तहसील के राजपुरा गांव में भगवान शिव को समर्पित प्राचीन बाबा बूढ़ा अमरनाथ मंदिर के लिए की जाती है.
यह मंदिर समुद्र तल से 4,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यहां सफेद पत्थर का एक स्वयंभू (अपने आप प्रकट हुआ) शिवलिंग है. यह यात्रा पारंपरिक रूप से जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से शुरू होती है और तीर्थयात्रियों को उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 230 किलोमीटर दूर पुंछ के पहाड़ी इलाकों तक ले जाती है.
श्रद्धालु मंदिर में पूजा के लिए जाने से पहले पास की पवित्र पुलस्त्य नदी (जिसका नाम ऋषि पुलस्त्य के नाम पर रखा गया है) में स्नान करते हैं. कई लोगों का मानना है कि इस यात्रा को पूरा करने से ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की व्यापक तीर्थयात्रा में एक भक्त को गहरी पूर्णता का अनुभव होता है.
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