महबूबा मुफ्ती ने किया राष्ट्र ध्वज का अपमान! उल्टा तिरंगा लेकर धरने पर बैठीं, दर्ज होगा केस?
Mehbooba Mufti: तिरंगे को गलत तरीके से पकड़ना ध्वज संहिता का उल्लंघन माना जाता है. ऐसे में अब महबूबा मुफ्ती पर केस दर्ज किए जाने पर विचार किया जा सकता है.

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मंगलवार (4 अगस्त) की रात विरोध प्रदर्शन कर रही थीं, जिस दौरान उन्होंने देश का राष्ट्रीय ध्वज उल्टा पकड़ा हुआ था. उल्टा तिरंगा पकड़े धरने पर बैठीं महबूबा मुफ्ती का वीडियो अब सोशल मीडिया पर पूरी तरह से वायरल है, जिसके बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. उनपर सत्ता और विपक्षी दल दोनों ही हमलावर हैं.
महबूबा मुफ्ती ने अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को निष्प्रभावी करके जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के विरोध में श्रीनगर स्थित पीडीपी कार्यालय के बाहर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया. धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राष्ट्रध्वज और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का झंडा थामे हुए थीं. हालांकि, अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रध्वज गलती से उल्टा पकड़ा गया था.
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ध्वज संहिता के उल्लंघन पर दर्ज हो सकता है केस
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अब पीडीपी प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार किया जा रहा है. राष्ट्रध्वज को गलत तरीके से प्रदर्शित करना भारत की ध्वज संहिता का उल्लंघन माना जाता है. नियमों के अनुसार, राष्ट्रध्वज में सबसे ऊपर हमेशा केसरिया रंग, बीच में सफेद रंग और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए. सफेद रंग पर 24 तीलियों वाला गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होना अनिवार्य है.
'BJP ने जो जम्मू-कश्मीर में किया, वह कहीं भी कर सकती है'- फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन और उसे केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के व्यापक प्रभाव हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि अगर BJP सत्ता में बनी रहती है तो इस तरह के कदमों को अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुए घटनाक्रम का भारत के संघीय ढांचे पर व्यापक प्रभाव पड़ा है. उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर को देखिए... एक राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया, जो मौलिक कानूनों के पूरी तरह खिलाफ है. अगर वे सत्ता में बने रहे तो वे ऐसा अन्य राज्यों के साथ भी करेंगे, यह तय मानिए.’’
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