Jammu-Kashmir: DSP और PSI की पासिंग आउट परेड में LG मनोज सिन्हा का बड़ा बयान, 'जम्मू-कश्मीर की धरती से आतंकवाद...'
Jammu-Kashmir News: उधमपुर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने DPS और PSI की पासिंग आउट परेड में भाग लिया और कहा कि J&K से आतंकवाद का अंत प्राथमिकता है. 49 DSP और 1112 PSI ने ट्रेनिंग पूरी की.

Jammu-Kashmir Latest News: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उधमपुर में प्रोबेशनरी डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस और प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर की पासिंग-आउट परेड में भाग लिया. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की धरती से आतंकवाद का पूर्ण उन्मूलन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. इस परेड में कुल 49 पुलिस उपाधीक्षकों और 1112 प्रोबेशनरी सब-इंस्पेक्टर (PSI) ने पुलिस अकादमी में अपना कठोर प्रशिक्षण पूरा किया.
अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने सभी उत्तीर्ण पुलिस अधिकारियों को बधाई दी और उनसे जम्मू-कश्मीर पुलिस के मूल्यों, परंपराओं और लोकाचार को बनाए रखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, "हजारों सालों से हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, योद्धाओं का एक समूह अधर्म पर धर्म की जीत स्थापित करने के लिए सर्वोच्च बलिदान देता रहा है."
AI जैसी तकनीक का उपयोग करने का आह्वान
उपराज्यपाल ने कहा कि उन योद्धाओं में भगवान ब्रह्मा की रचनात्मक शक्ति, भगवान विष्णु की पालन शक्ति और भगवान शिव की पूर्ण शक्ति है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस के उन बहादुरों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए. मुझे जम्मू-कश्मीर पुलिस के हमारे बहादुर कर्मियों और अधिकारियों पर गर्व है.
उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन मूल्य सत्य, न्याय, नैतिकता, कानून और सुशासन पर केंद्रित हैं और इन मूल्यों को जम्मू-कश्मीर पुलिस से समाज में संरक्षित और पोषित करने की आवश्यकता है. उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस बल से सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने, कट्टरपंथ को रोकने और विश्लेषण की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए AI जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का आह्वान किया.
बीट पुलिसिंग को सुरक्षा तंत्र के केंद्र में लाना होगा- मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर की धरती से आतंकवाद का पूर्ण उन्मूलन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के हमारे पराक्रमी योद्धाओं को बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और खुफिया, सामुदायिक जुड़ाव, प्रौद्योगिकी और अंतर-एजेंसी सहयोग की शक्ति का उपयोग करना चाहिए. हमें बीट पुलिसिंग को सुरक्षा तंत्र के केंद्र में लाना होगा.
उन्होंने कहा कि हमें समग्र आतंकवाद विरोधी प्रयासों को मजबूत करने के लिए टेकइंट और ह्यूमिंट के बीच एक अच्छा संतुलन बनाना चाहिए. उपराज्यपाल ने पुलिस कर्मियों से समुदायों में सामूहिक सतर्कता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा. इससे न केवल पुलिस बल आतंकवादियों के खिलाफ समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सक्षम होगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों के साथ विश्वास भी मजबूत होगा.
अधिकारियों और पास आउट होने वालों के परिवार को दी बधाई
उपराज्यपाल ने कहा कि हमें OGW नेटवर्क पर लक्षित हमले तेज करने चाहिए और आतंकवादियों को रसद और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले तत्वों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए. उपराज्यपाल ने पुलिस अकादमी उधमपुर के सभी प्रशिक्षकों और अधिकारियों और पास आउट होने वाले DSP और PSI के परिवार के सदस्यों को भी बधाई दी.
उधमपुर पुलिस अकादमी के निदेशक गरीब दास ने कार्यक्रम और प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी. प्रशिक्षण कार्यक्रम ने रंगरूटों को नए आपराधिक कानूनों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर अपराध, नार्को-आतंकवाद, सामान्य युद्ध, फील्ड क्राफ्ट और रणनीति, आतंकवाद, विद्रोह, मानवाधिकार, कानून और व्यवस्था में उच्च दक्षता से लैस किया.
कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ
उपराज्यपाल ने औपचारिक सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नए रंगरूटों को सम्मानित भी किया. पास आउट होने वाले DSP और PSI को समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई.
पुलिस अकादमी में नलिन प्रभात, DGP जेएंडके, रमेश कुमार, डिवीजनल कमिश्नर, सलोनी राय, डिप्टी कमिश्नर उधमपुर, पुलिस, सुरक्षा बलों, नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पास आउट होने वाले DSP और PSI के परिवार के सदस्य उपस्थित थे. इस अवसर पर पवन गुप्ता, बलवंत सिंह मनकोटिया, R.S पठानिया और सुनील भारद्वाज विधान सभा सदस्य और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे.
Source: IOCL





















