जम्मू-श्रीनगर के बीच बनेगा नया हाईवे, 3 घंटे में होगा सफर
जम्मू-श्रीनगर के बीच तीसरी सबसे छोटा नेशनल हाईवे पर काम शुरू होने वाला है, जिसके बनने के बाद यात्रा की दूरी 50 किलोमीटर कम होगी. इस नए हाईवे से यात्रा का समय घटकर लगभग 3 घंटे रह जाएगा.

जम्मू से श्रीनगर तक का सफर आप जल्द ही मात्र 3 घंटे में कर सकेंगे. जम्मू-श्रीनगर के बीच तीसरी सबसे छोटा नेशनल हाईवे पर काम शुरू होने वाला है, जिसके बनने के बाद यात्रा की दूरी 50 किलोमीटर कम होगी. फिलहाल दोनों राजधानियों को नेशनल हाईवे-44 और मुगल रोड जोड़ते है. लेकिन अब जम्मू और श्रीनगर के बीच एक नया और सबसे छोटा हाईवे जल्द ही बनने जा रहा है. इस नए हाईवे से रामबन से होकर जाने वाले मौजूदा मुख्य नेशनल हाईवे की तुलना में दूरी लगभग 50 किमी कम हो जाएगी और यात्रा का समय घटकर लगभग 3 घंटे रह जाएगा.
जम्मू और श्रीनगर की दो राजधानियों के बीच यह नया सड़क मार्ग कटरा-रियासी-माहौर-गुलाबगढ़-नंदीमर्ग और कुलगाम से होकर गुजरेगा. इसे दिल्ली-अमृतसर-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे का विस्तार माना जा रहा है. मुगल रोड से जम्मू और श्रीनगर के बीच की मौजूदा दूरी 330 किमी है जबकि उधमपुर-रामबन-बनिहाल होते हुए मुख्य नेशनल हाईवे-44 से यह दूरी लगभग 245 किमी है.
नए हाईवे से यात्रा का समय घटकर 3 घंटे होने की उम्मीद
लेकिन कटरा-रियासी-गुलाबगढ़-नंदीमर्ग और कुलगाम से होकर जाने वाले नए नेशनल हाईवे कॉरिडोर से यह दूरी 200 किमी से भी कम, यानी लगभग 195-197 किमी होगी. यह नया हाईवे लगभग 50 किमी लंबी सुरंगों, पुलों और फ्लाईओवर से होकर गुजरेगा और दोनों राजधानियों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 3 घंटे होने की उम्मीद है.
इस नए हाईवे को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय जल्द ही जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक नए तोहफे के तौर पर देने जा रहा है. रक्षा के नजरिए से यह केंद्र सरकार का एक प्राथमिकता वाला हाईवे प्रोजेक्ट होगा, क्योंकि यह पौनी-सुंदरबनी-कालाकोट और बुढाल होते हुए राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों को जोड़ने वाली सड़कों के लिए एक महत्वपूर्ण लिंक प्रदान करेगा.
20,000 करोड़ लागत वाला नया हाईवे 5-7 सालों में होगा चालू
सूत्रों ने आगे बताया कि मंत्रालय ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू करने की मंजूरी दे दी है. फीजिबिलिटी स्टडी, ट्रैफिक सर्वे और अलाइनमेंट इंजीनियरिंग डिजाइन के लिए बिडिंग जून के आखिरी हफ्ते में हुई थी. प्रोजेक्ट का शुरुआती सर्वे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एक्सपर्ट्स पहले ही कर चुके हैं.
NH-44 की तरह, यह भी हर मौसम में चलने लायक हाईवे होगा और उम्मीद है कि इससे मौजूदा मुख्य नेशनल हाईवे 44 पर ट्रैफिक का भारी दबाव कम होगा. सूत्रों ने बताया कि 20,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह नया हाईवे अगले 5-7 सालों में चालू हो जाएगा.




















