जम्मू-कश्मीर यूनिवर्सिटी के प्रभावित 50 MBBS छात्रोंव के लिए बड़ा कदम, शुरू हुई फिजिकल काउंसलिंग
Jammu and Kashmir: SMVDIME बंद होने से प्रभावित 50 MBBS छात्रों के लिए BOPEE ने फिजिकल काउंसलिंग शुरू हो गई है. नए सरकारी कॉलेजों में NEET मेरिट के आधार पर एडमिशन आवंटित होंगे.

जम्मू-कश्मीर में बंद हुए श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) के प्रभावित MBBS छात्रों को एडमिशन न देने पर आलोचना उठी है. इसके बाद से बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (BOPEE) ने छात्रों के लिए फिजिकल काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर एडमिशन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है.
पीड़ित छात्रों को अब केंद्र शासित प्रदेश के अनंतनाग, बारामूला, डोडा, हंदवाड़ा, कठुआ, राजौरी और उधमपुर में नए स्थापित सात सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बनाई गई 50 अतिरिक्त MBBS सीटों के लिए NEET परीक्षा की मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा.
सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज में आवंटित की जाएंगी सीटें
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फिजिकल काउंसलिंग 24 जनवरी 2026 को सुबह 10:00 बजे से SMVDIME के तहत चुने गए 50 MBBS उम्मीदवारों के बीच, पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगी. ये अतिरिक्त सीटें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार बनाई गई हैं और J&K के सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आवंटित की जाएंगी.
बयान में कहा गया है,"काउंसलिंग प्रक्रिया उसी दिन पूरी हो जाएगी और सभी 50 उम्मीदवारों को मेरिट-कम-पसंद के आधार पर कॉलेज आवंटित किए जाएंगे."
बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा नोटिफिकेशन
BOPEE ने पहले ही नोटिफिकेशन 15 जनवरी 2026 से दिनांक 21 जनवरी 2026 के माध्यम से एक विस्तृत नोटिफिकेशन जारी किया है, जो बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है. सभी चयनित उम्मीदवारों को विभिन्न संचार माध्यमों से भी सूचित किया गया है. जबकि उम्मीदवारों को अधिक जानकारी और अपडेट के लिए BOPEE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की सलाह दी गई है, बोर्ड ने बुधवार को J&K सरकार को सूचित किया था कि उसके पास 50 मेडिकल छात्रों के लिए अतिरिक्त MBBS सीटें बनाने या आवंटित करने का अधिकार नहीं है.
इस घोषणा ने 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख सहित पीड़ित छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है. क्योंकि छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार के स्तर पर डाल दी गई है. NMC ने कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर और टीचिंग स्टाफ सहित कमियों का हवाला देते हुए कॉलेज का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था.
दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद हुई ये घोषणा
यह घोषणा छात्रों के धार्मिक बंटवारे के सामने आने के बाद माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति के बैनर तले दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों द्वारा महीनों के विरोध प्रदर्शन के बाद हुई है. दक्षिणपंथी संगठनों ने धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए मुस्लिम छात्रों के एडमिशन रद्द करने की मांग की थी. साथ ही यह भी कहा था कि कॉलेज को माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से फंड मिलता है और इसलिए सिर्फ हिंदू छात्रों को ही एडमिशन मिलना चाहिए.
NMC के आदेश के तुरंत बाद, उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली J&K सरकार ने स्वास्थ्य मंत्री और BOPEE को छात्रों का भविष्य बचाने के लिए उन्हें J&K के दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने का काम पूरा करने का निर्देश दिया था.
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Source: IOCL

























