जम्मू कश्मीर: हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के स्लीपर सेल का पर्दाफाश, आतंकवादियों का मददगार गिरफ्तार
Jammu Kashmir News: गिरफ्तार किया गया आरोपी सीमा पार के आकाओं के लगातार संपर्क में था और दक्षिण कश्मीर में कई आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.

जम्मू कश्मीर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) के हाथ बड़ी सफलता लगी है. एसआई ने आतंकवादी संगठन हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम करने वाले एक व्यक्ति को शनिवार (23 अगस्त) को गिरफ्तार कर लिया है.
गिरफ्तार किया गया आरोपी सीमा पार के आकाओं के लगातार संपर्क में था और दक्षिण कश्मीर में कई आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. एसआईए के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान अल्ताफ हुसैन वागे के रूप में हुई है, जो शोपियां जिले के रेबन गुंड गांव का निवासी था और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य था.
स्लीपर सेल के रूप में कर रहा था काम
एसआईए ने कहा, "लगातार प्रयासों के बाद, एसआईए कश्मीर ने एक ओजीडब्ल्यू, अल्ताफ हुसैन वागे पुत्र गुलाम मोहिउद्दीन वागे, निवासी रेबन गुंड, बेहराम शोपियां को गिरफ्तार करके एक बड़ी सफलता हासिल की है, जो आतंकवादी संगठन हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के लिए स्लीपर सेल के रूप में काम करता था."
अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी पुलिस स्टेशन सीआई/एसआईए कश्मीर में दर्ज एफआईआर संख्या 01/2025, धारा 13, 18, 18-बी, 38, 39 की चल रही जांच का हिस्सा थी.
हिज्बु-उल-मुजाहिदीन से संपर्क
जांच के दौरान, एसआईए कश्मीर ने ऐसे सबूत पेश किए हैं जिनसे गिरफ्तार आरोपी का संबंध हिज्ब-उल-मुजाहिदीन से जुड़े एक आतंकवादी हैंडलर से साबित होता है, जो सीमा पार से सक्रिय है.
गिरफ्तार किया गया ओजीडब्ल्यू, पाकिस्तान में आतंकवादी हैंडलरों के इशारे पर, आतंकवादी साजिशों में सक्रिय रूप से शामिल होकर, भारत विरोधी बयानों का प्रचार और प्रसार करके आतंकवादी, गैरकानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.
ये था आरोपी का मकसद
गिरफ्तार व्यक्ति से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. एसआईए अधिकारियों ने कहा, "इन गतिविधियों का उद्देश्य न केवल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देना था, बल्कि असंतोष, सार्वजनिक अव्यवस्था और सांप्रदायिक घृणा भड़काना भी था."
स्लीपर सेल का पता लगाना बड़ी सफलता
यह गिरफ्तारी उन स्लीपर सेल का पता लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता है, जो अत्यधिक कट्टरपंथी हैं, अलगाववादी, गैरकानूनी, अलगाववादी सामग्री साझा करते हैं और पाकिस्तानी आतंकवादी संचालकों/आतंकवादी संगठन/पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ भी उनके संबंध हैं.
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Source: IOCL






















