जम्मू-कश्मीर पुलिस में प्रशासनिक फेरबदल, 17 IPS सहित 113 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले
Jammu-kashmir Police Transfer: जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्रशासनिक सुधार के तहत 113 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है. इसमें IGP, DIG और SSP स्तर के अधिकारी हैं, जिससे सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी.

Jammu-Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नयापन लाने के उद्देश्य से सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है. गुरुवार (17 अप्रैल) को गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कुल 113 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है, जिसमें 1 पुलिस महानिरीक्षक (IGP), 4 उप महानिरीक्षक (DIG), 4 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं.
तबादले गए अधिकारियों में 17 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी और 96 जम्मू-कश्मीर पुलिस सेवा के अधिकारी शामिल हैं. इस कदम को प्रशासनिक मजबूती और मैदान स्तर पर सुरक्षा में सुधार के तौर पर देखा जा रहा है. 2002 बैच के IPS अधिकारी उत्तम चंद को पुलिस मुख्यालय में पुलिस ऑपरेशन्स और सर्विसेज के नए IGP के रूप में नियुक्त किया गया है. माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से विशेष अभियान और सेवाओं के संचालन में नई दिशा मिलेगी.
DIG स्तर पर चार नई नियुक्तियां
DIG स्तर पर भी अहम बदलाव हुए हैं. सारा रिजवी को उधमपुर-रियासी रेंज की DIG बनाया गया है, जो क्षेत्र में महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. शेख जुनैद महमूद को IRP कश्मीर, उमेश कुमार को ट्रेनिंग्स और रईस मोहम्मद भट को CID कश्मीर का नया DIG नियुक्त किया गया है, जिससे पुलिस प्रशिक्षण, खुफिया तंत्र और रिजर्व बलों की कार्यक्षमता में इजाफा होने की उम्मीद है.
जिलों को मिले नए SSP
जिला स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं. अमृतपाल सिंह को अनंतनाग का नया SSP नियुक्त किया गया है, जबकि जी वी संदीप को श्रीनगर, खलील अहमद को गांदरबल और नरीश सिंह को किश्तवाड़ जिले का SSP बनाया गया है. इन अधिकारियों की नियुक्ति से संबंधित जिलों में सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करने की दिशा में पहल की गई है.
इसके अलावा, कई जिलों में अतिरिक्त SSP और SP ऑपरेशन्स के पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं. खुफिया शाखा (CID) के नौ अधिकारियों को भी बदला गया है, जिससे खुफिया तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है. सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने के बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है.
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Source: IOCL






















