मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल मुठभेड़ पर उठाए सवाल, कहा- वो आतंकावादी था या नहीं जांच हो
Jammu Kashmir Ganderbal Encounter: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल मुठभेड़ पर सवाल उठातो हुए कहा कि परिवार के दावे को सीधे-सीधे खारिज नहीं किया जाना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गांदरबल ज़िले के अरहामा गांव में मंगलवार शाम को हुई मुठभेड़ की जांच की मांग की है. यह मांग तब उठी जब परिवार ने दावा किया कि मुठभेड़ में मारा गया व्यक्ति 'आतंकवादी' नहीं था. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गांदरबल विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं. इसी इलाके मे कथित आतंकवादी का घर है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एक समय-सीमा के भीतर जांच ज़रूरी है क्योंकि सिस्टम की विश्वसनीयता के लिए परिवार के दावों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.
उमर अब्दुल्ला ने X पर पोस्ट कर लिखा, 'मेरा मानना है कि परिवार के दावे को सीधे-सीधे खारिज नहीं किया जाना चाहिए. कम से कम इस मुठभेड़ की एक पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए और तथ्य को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. जांच की घोषणा को टालने या उसमें देरी करने का कोई भी प्रयास केवल विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाएगा और यह किसी के भी हित में नहीं है.'
I believe the claim of the family should not be dismissed out of hand. At the very least this encounter needs a transparent & time bound probe with the facts made public. Any attempt to obfuscate or delay the announcement of a probe will only damage credibility & that is not in… https://t.co/u8Pg7O39hn
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) April 2, 2026
परिवार ने क्या दावा किया?
दरअसल, मुठभेड़ में मारे गए कथित आतंकवादी के परिवार ने दावा किया है कि जिस व्यक्ति को सेना ने 'आतंकवादी' बताया है, वह उनका बेटा था. उसका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं था. गांदरबल के चोंटवालीवार इलाके के निवासी, मारे गए कथित आतंकवादी राशिद अहमद मुगल के भाई एजाज़ अहमद ने दावा किया कि वह मंगलवार सुबह घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा. बाद में उन्हें पता चला कि वह मारा जा चुका है, जब स्थानीय पुलिस ने उन्हें शव की पहचान करने के लिए बुलाया
एजाज़ ने दावा किया है कि उसके भाई का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं था. एजाज़ ने कहा, "यह सुनकर हम सदमे में हैं. वह पूरी तरह से बेकसूर था और उसे मार दिया गया." एजाज़ ने यह भी बताया कि जब उसका भाई घर से निकला था, तब उसने जो कपड़े पहने थे, वे उन कपड़ों से अलग थे जो उन्होंने बुधवार को देखे थे. परिवार ने जांच की मांग की है और पुलिस से संपर्क करके एक मामला दर्ज करने की गुहार लगाई है, जिसमें उन्होंने पूरी जांच और न्याय की मांग की है.
सोमवार को चलाया गया था ऑपरेशन
भारतीय सेना ने सोमवार को पुष्टि की थी कि इस ऑपरेशन में एक आतंकवादी मारा गया है, लेकिन अब तक उसकी पहचान और किस संगठन से संबंधित था, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी. श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने X पर एक पोस्ट में बताया था कि खास खुफिया जानकारी के आधार पर सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गांदरबल के अरहामा इलाके में एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया.
एक और पोस्ट में सेना ने लिखा कि 'तलाशी के दौरान चौकस जवानों ने कुछ संदिग्ध हलचल देखी. चुनौती दिए जाने पर, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और हमारे जवानों ने जवाबी कार्रवाई की.' जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी इस ऑपरेशन पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है और ना ही मारे गए व्यक्ति की पहचान के बारे में कोई जानकारी साझा की है. पुलिस ने भी अभी तक स्पष्ट नहीं किया कि मुठभेड़ वाला ऑपरेशन सेना ने अकेले चलाया था या पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन था.
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Source: IOCL


























