अनंतनाग: कांस्टेबल आशिक हुसैन की शहादत के बाद एक्शन, लश्कर के 2 आतंकियों के घर जमींदोज
Jammu Kashmir News In Hindi: अनंतनाग में लश्कर ए तैयबा के दो आतंकियों आदिल ठोकर और हारून गनई के घर धमाके से उड़ाए गए है. पुलिसकर्मी आशिक हुसैन शहीद होने के एक दिन बाद जवाबी कार्रवाई की गई है.

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षा बलों ने रात भर चले एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो सक्रिय आतंकियों के घरों को धमाके से उड़ा दिया. बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को की गई इस कार्रवाई में आतंकी आदिल अहमद ठोकर और हारून रशीद गनई के घर पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए. यह कार्रवाई हाल में हुए आतंकी हमले में पुलिसकर्मी आशिक हुसैन कुरैशी की शहादत के एक दिन बाद की गई है.
गुरी इलाके के रहने वाले LeT आतंकी आदिल अहमद ठोकर के नए घर को सुबह-सुबह ध्वस्त कर दिया गया. यह दूसरी बार है जब एक साल से अधिक समय में आदिल के घर को उड़ाया गया है. इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम पर्यटक हमले के बाद सुरक्षा बलों ने घाटी भर में 16 घरों को धमाके से उड़ाया था, जिसमें आदिल का पुश्तैनी घर भी शामिल था.
2018 से सक्रिय आतंकी हारून गनई का घर भी गिराया
इसी कार्रवाई में बिजबेहारा के हसनपोरा तवेला निवासी हारून रशीद गनई (अब्दुल रशीद गनई का बेटा) का एक मंजिला आवासीय घर भी गिरा दिया गया. हारून 2018 से LeT से जुड़ा सक्रिय आतंकी बताया जा रहा है. दोनों घरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पुलिस, सेना की 1 RR और CRPF की 90वीं बटालियन ने संयुक्त रूप से की.
शहीद पुलिसकर्मी के हमले के बाद घाटी में सख्ती बढ़ी
यह कार्रवाई बुधवार को अनंतनाग के लाल चौक बाजार में हुए टारगेटेड आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें अमरनाथ यात्रा सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आशिक हुसैन कुरैशी शहीद हो गए थे. हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और उनके सपोर्ट नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. पुलिस ने पूछताछ के लिए लगभग 3,000 संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हिरासत में लिया है. अमरनाथ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है.
सुरक्षा बलों का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क, उनके सपोर्ट सिस्टम और परिवारों को सख्त संदेश देने के लिए की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी आतंकियों को सहयोग करने से बचे. घाटी में शांति और अमरनाथ यात्रा को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए यह रणनीतिक कदम उठाया गया है.
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि ऐसे कड़े कदम आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की सरकार की नीति का हिस्सा हैं. इस कार्रवाई से इलाके में आतंकियों के मनोबल पर असर पड़ेगा और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी.
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