पाकिस्तान को बूंद-बूंद पानी के लिए तड़पाने का भारत ने दिया ट्रेलर, नदी बन गया सेल्फी प्वाइंट
Jammu Kashmir News: केंद्र सरकार ने जम्मू में चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम के पानी को कुछ समय के लिए रोक दिया है. इससे पाकिस्तान की तरफ जाने वाली नदी पूरी तरह से सूख गई है.

Pahalgam Terror Attack: पाकिस्तान को बूंद-बूंद पानी के लिए तड़पाने का ट्रेलर भारत सरकार ने दे दिया है. भारत सरकार ने जम्मू में चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम को कुछ समय के लिए बंद क्या कर दिया पाकिस्तान पानी की बूंद के लिए मोहताज हो गया. भारत-पाकिस्तान को किस कदर पानी के लिए तड़प सकता है इसका ट्रेलर सोमवार सुबह जम्मू में दिखा. जम्मू से सटे अखनूर सेक्टर में वह अप्रत्याशित तस्वीर सामने आई जो शायद अब तक किसी ने नहीं देखी.
आमतौर पर जम्मू कश्मीर की सबसे खतरनाक बहती नदियों में से एक चिनाब नदी हमेशा पानी से लबालब रहती है. चिनाब का पानी कितना खतरनाक है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि रूद्र रूप में बहने वाली इस नदी के पानी के बहाव या इस नदी के तल को कोई माप नहीं पाया.
रविवार को जब सरकार ने इस नदी पर बने बगलिहार डैम के पानी को कुछ समय के लिए रोका तो पाकिस्तान की तरफ जाने वाली नदी पूरी तरह से सूख गई. आलम यह था कि इस नदी को लोग पैदल पार करने लगे और कुछ लोग यहां से पत्थर और बाकी सामान उठाकर ले जाने लगे.
सोमवार सुबह होते-होते जम्मू के अखनूर से पाकिस्तान जाने वाली यह नदी पूरी तरह से सूख गई और यह एक सेल्फी प्वाइंट बन गया. हजारों लोग यहां पर सेल्फी लेने के लिए पहुंचे इसके बाद यहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा.
अखनूर के 65 साल के सीताराम शर्मा का कहना है कि उन्होंने आज तक इस नदी में इस तरह के दृश्य नहीं देखे. उनके मुताबिक जब सुबह उन्हें यह बताया गया कि चिनाब का पानी पूरी तरह से सूख गया है तो उन्हें यकीन नहीं हुआ और उन्होंने सच जानने के लिए इस नदी का रुख किया. उन्होंने बताया कि नदी का यह रूप ना तो उन्होंने और ना ही उनके पुरखों ने कभी देखा था.
अखनूर के युवक गौरव का कहना है कि उन्होंने आज तक जब भी इस नदी को पार किया या तो नाव पर किया या फिर तैर कर किया. नदी को पैदल पार करना एक सपना है और इसी सपने को पूरा करने के लिए वह यहां कैमरा लेकर पहुंचे हैं ताकि इन दृश्यों को कमरे में कैद किया जा सके.
चिनाब नदी का पानी अखनूर से होते हुए पाकिस्तान के सियालकोट जाता है जहां पर इस नदी का पानी न केवल वहां के लोगों की प्यास बुझाता है बल्कि वहां के किसानों के खेतों को भी हरा भरा करता है. इसके साथ ही पाकिस्तान इस नदी के पानी का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए भी करता है.
गौरतलब है कि चिनाब नदी के इस पानी को बगलिहार डैम में डि सिलिटिंग के लिए रोका गया था. दरअसल इस डैम को 2008 में कमीशन किया गया था, और तब से लेकर आज तक इस बांध की पूरी तरह से डि सिल्टिंग नहीं हुई थी.
दरअसल इस बांध की डि सिल्टिंग के लिए सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान से परमिशन लेनी पड़ती थी और पाकिस्तान यह परमिशन कभी नहीं देता था. अब जबकि इस संधि को फिलहाल रद्द कर दिया गया है तो ऐसे में 2008 के बाद ही पहला मौका है जब इस बांध पर ऐसी कार्रवाई की गई हो.
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Source: IOCL





















