जम्मू-कश्मीर में दो जगह फटे बादल, मौसम के लिहाज से 48 घंटे भारी
Jammu Kashmir Cloudburst: बादल फटने के बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा और बाढ़ का पानी निचले इलाकों में घुस गया, जिससे कई रिहायशी इलाकों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा हो गया.

कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में मौसम का अजीब मिजाज जारी है. दक्षिण और उत्तर कश्मीर में दो जगहों पर बादल फटने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की खबरें हैं, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, गनीमत की बात रही कि इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई.
पहला बादल दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के देवसर इलाके के डार्डगुंड में फटा, जबकि दूसरा बादल उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के नागमार्ग इलाके में फटा. इससे निचले इलाकों के कई गांवों में अचानक बाढ़ आ गई और लोगों में दहशत फैल गई.
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घर डूबने से परिवार अंदर फंसा
अधिकारियों के मुताबिक, कुलगाम के देवसर इलाके में डार्डगुंड के ऊपरी इलाकों में कम तीव्रता वाले बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई और नाला साधनाग से होते हुए कीचड़युक्त पानी का तेज बहाव निचले इलाकों की ओर बहने लगा.
तेज बहाव वाली बाढ़ ने दो पशुशालाओं को बहा दिया और डार्डगुंड में कई घरों में पानी घुस गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई. तेज पानी एक घर में घुस गया, जिससे वह डूब गया और एक परिवार अंदर फंस गया.
SDRF ने पानी का बहाव किया सामान्य
अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) के जवानों ने बचाव अभियान शुरू किया और परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. वहीं, SDRF की एक अन्य टीम ने नाले में आई रुकावट को हटाया, जिससे पानी का बहाव सामान्य हो गया और आसपास के रिहायशी इलाकों को और नुकसान या खतरे से बचाया जा सका.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बादल फटने की तीव्रता अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन नाले में पानी के अचानक बढ़ने से आसपास के इलाके जलमग्न हो गए; अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.
मंगलवार को उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के नागमार्ग इलाके में भी बादल फटा, जिससे निचले इलाकों के कई गांवों में अचानक बाढ़ आ गई और लोगों में दहशत फैल गई. ऊपरी इलाकों से पानी के अचानक बढ़ने से भारी मात्रा में कीचड़युक्त पानी और मलबा नीचे की ओर आया, जिससे निचले इलाके प्रभावित हुए और गांवों में सामान्य जनजीवन बाधित हुआ.
जोखिम वाले इलाकों के लोगों को सावधान रहने की जरूरत
निवासियों ने बताया कि बादल फटने के बाद जलस्तर तेजी से बढ़ा और बाढ़ का पानी निचले इलाकों में घुस गया, जिससे कई रिहायशी इलाकों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को खतरा पैदा हो गया.
यह घटना जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बारिश के बीच हुई है, जिससे संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कों व अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है. अधिकारी अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान और हालात का जायज़ा ले रहे हैं. साथ ही, मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में पूरे J&K इलाके में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, इसलिए जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने और उफान पर बह रही नदियों, नालों और पानी के अन्य रास्तों के पास न जाने की सलाह दी गई है.
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