हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह का रवनीत बिट्टू पर पलटवार, 'नए-नए मंत्री बने हैं, ऐसे में...'
Himachal News: हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री के बयान को भ्रामक बताया है. भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन की लागत 7000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है.

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बयान को भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन की प्रारंभिक अनुमानित लागत (Initial Estimated Cost) करीब तीन हजार करोड़ रुपये थी. इसमें केंद्र सरकार 75 प्रतिशत धनराशि देने के लिए प्रतिबद्ध है और भूमि अधिग्रहण की अनुमानित लागत 70 करोड़ रुपये आंकी गई है.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री को अपने ही मंत्रालय की समझ नहीं है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने शिमला में जो भी दावे किए, वह झूठे हैं. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बिट्टू अभी नए-नए मंत्री बने हैं. ऐसे में वे अपने ही मंत्रालय के आंकड़ों से पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू भी यूथ कांग्रेस की सोच में ही फंसे हुए हैं. विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को अपने मंत्रालय के आंकड़ों की स्टडी करने की भी सलाह दे डाली.
हिमाचल को नहीं मिला कोई विशेष अनुदान- विक्रमादित्य सिंह
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, ''रेल लाइन के निर्माण की कुल लागत अब दोगुनी से बढ़कर सात हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है. इसके अलावा भूमि अधिग्रहण की लागत भी बढ़कर 1 हजार 100 करोड़ रुपये हो गई है. केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 70 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि देने से साफ इनकार कर दिया है. इस वजह से भूमि अधिग्रहण पर पूरा खर्च राज्य सरकार की ओर से वहन किया जा रहा है.'' विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए 11 हजार 806 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह राशि कोई विशेष अनुदान नहीं है, बल्कि केवल बजटीय अनुमान है.
बिट्टू को नहीं मालूम सही आंकड़े- विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन के लिए 1,289 करोड़ रुपये के आवंटित बजट के मुकाबले केवल 325 करोड़ रुपये खर्च किए गए. वित्त वर्ष 2022-23 में 1,289 करोड़ रुपये में से केवल 730 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया गया और वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्रीय बजट पेश होने तक आवंटित 1,289 करोड़ रुपये में से केवल 936 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए. पिछले तीन साल में कुल 3,867 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले केवल 1,991 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं. विक्रमादित्य सिंह ने यह आंकड़े पेश करते हुए कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के पास सही आंकड़ों का अभाव है.
नव नियुक्त प्रभारी रजनी पाटिल से क्या बात हुई?
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्होंने दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस की नव नियुक्त प्रभारी रजनी पाटिल सहित पूर्व प्रभारी राजीव शुक्ला से मुलाकात की. इस दौरान जल्द संगठन बनाने का आग्रह किया गया है. मार्च के पहले सप्ताह में रजनी पाटिल हिमाचल का दौरा करेंगी. उन्होंने नए चेहरों को संगठन में जगह देने की मांग भी उठाई गई है.
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Source: IOCL






















