IGMC शिमला में मारपीट विवाद, सस्पेंड हुए डॉ. राघव की बहाली की मांग, मेडिकल सेवाएं बंद करने की चेतावनी
IGMC Shimla: इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में मारपीट मामले में अधिकारी संघ की बैठक हुई. इस बैठक में डॉ. राघव की बर्खास्तगी के फैसले को अन्यायपूर्ण बताते हुए तीनों संगठनों ने इसका विरोध किया.

शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में मारपीट मामले ने तूल पकड़ लिया है. हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक गुरुवार, 25 दिसंबर 2025 को आयोजित की गई थी. इसमें सभी जिलों के पदाधिकारी और राज्य इकाई प्रतिनिधि मौजूद थे.
बैठक में डॉ. राघव की बर्खास्तगी के फैसले ने प्रदेश के डॉक्टर संगठनों और सरकार को आमने-सामने ला दिया था. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए), हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (एचपीएमओए) और स्टेट एसोसिएशन ऑफ मेडिकल एंड डेंटल कॉलेज टीचर्स (सेमडिकोट) ने इस निर्णय को 'अन्यायपूर्ण' बताते हुए एक स्वर में विरोध का बिगुल फूंक दिया है.
डॉ. राघव की बहाली नहीं हुई, तो वैकल्पिक सेवाएं बंद
तीनों संगठनों ने साफ किया है कि यदि सरकार ने डॉ राघव के टर्मिनेशन का फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा. कल हुई बैठक में आरडीए ने यह निर्णय लिया था कि आज यानी 26 दिसंबर को डॉक्टर एक दिन की सामूहिक आकस्मिक छुट्टी (सीएल) लेगा.
आरडीए ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री से निर्धारित मुलाकात के बाद भी उपरोक्त मांगों का समाधान नहीं किया जाता या डॉक्टर राघव की बहाली नहीं की जाती तो 27 दिंसबर से सिर्फ आपातकालीन सेवाएं ही दी जाएंगी और प्रस्तावित हड़ताल के दौरान वैकल्पिक सेवाएं और आउट पेशैंट विभाग पूरी तरह बंद रहेंगे, जबकि आपातकालीन सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी. आरडीए ने सभी रेजिडेंट डॉक्टरों से एकजुटता रहने और पूर्ण सहयोग की अपील की है.
डॉ. विजय करेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू से मुलाकात
एसोसिएशन के प्रेस सचिव डा. विजय ने आरडीए के रुख का खुला समर्थन करते हुए कहा कि शुक्रवार सुबह आईजीएमसी के रेजिडेंट डॉक्टर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात करेंगे और डा. राघव को नौकरी से बर्खास्त करने का निर्णय वापस लेने का आग्रह भी करेंगे. अब सब की निगाहें मुख्यमंत्री के साथ होने वाली कल की बैठक पर टिकी हुई हैं.
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Source: IOCL






















