मंडी: पड्डल वार्ड में लैंडस्लाइड और पत्थरों की गड़गड़ाहट से लोगों में दहशत, निगम ने लगाई सेफ्टी फेंसिंग
Mandi Landslide : मंडी के पड्डल वार्ड में रात को लैंडस्लाइड और पत्थरों की गड़गड़ाहट से दहशत फैल गई. नगर निगम ने फेंसिंग लगाई, जलशक्ति विभाग ने पाइपलाइन ठीक की और प्रभावित घर खाली करवाए.

मंडी शहर के पड्डल वार्ड में दो दिन पहले देर रात अचानक हुई तेज लैंडस्लाइड और पत्थरों की गड़गड़ाहट ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. आवाज इतनी जोरदार थी कि लोग नींद से उठकर तुरंत घरों से बाहर निकल आए. इस घटना ने स्थानीय निवासियों में दहशत फैला दी.
घटना के बाद नगर निगम मंडी ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए. निगम की टीम ने श्री गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा परिसर से लगे प्रभावित इलाके में सुरक्षा की दृष्टि से लोहे की तारों की फेंसिंग लगाई. इसका उद्देश्य पहाड़ से गिरते पत्थरों की रफ्तार को रोकना और संभावित नुकसान को कम करना है. प्रशासन ने भी मौके पर पूरी नजर बनाए रखी है और स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है.
पानी की सप्लाई बहाल करने में जुटा विभाग
लैंडस्लाइड की वजह से इलाके में पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी. जलशक्ति विभाग ने इसे तुरंत दुरुस्त करने का काम शुरू किया. खतरनाक हालात में वेल्डरों ने घटनास्थल पर पाइप को जोड़ने का काम किया, ताकि प्रभावित वार्ड में पीने के पानी की सप्लाई दोबारा सुचारू की जा सके.
लैंडस्लाइड के बाद प्रभावित घर खाली
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद वे और भी सतर्क हो गए हैं. बताया गया कि स्लाइडिंग जोन में करीब 8 से 10 घर मौजूद हैं, जिन पर खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए इन घरों को खाली करवा दिया है.
पार्षद ने दी जानकारी
पड्डल वार्ड के पार्षद सोमेश ने कहा कि नगर निगम ने पहाड़ से गिरते पत्थरों को नियंत्रित करने के लिए फेंसिंग का काम पूरा कर लिया है. इससे नुकसान की संभावना कम होगी. उन्होंने यह भी बताया कि निगम आयुक्त आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों से बातचीत कर रहे हैं, ताकिइस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके.
लोगों में चिंता बरकरार
हालांकि प्रशासन और निगम ने त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन इलाके के लोग अब भी दहशत में हैं. रात में हुई गड़गड़ाहट की याद अब भी उन्हें विचलित कर रही है. लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र में दीर्घकालिक समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
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Source: IOCL






















