हिमाचल प्रदेश: विधानसभा में बजट सत्र के दौरान चिट्टे पर हंगामा, विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट
Himachal Pradesh News: विपक्ष की तरफ से सदन में से गंभीर आरोप लगाए गए और कहा गया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाई गई STF के पुलिसकर्मी ही नशे के सौदे संलिप्त पाए गए.

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने जहां मार्च माह में भी कड़ाके की ठंड ला दी है तो वहीं है, राज्य की सियासी फिजाओं में खूब गर्माहट है. विधानसभा बजट सत्र में सदन के अंदर और बाहर दोनों पक्षों के बीच तल्खी देखने को मिल रही है. विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन सदन के भीतर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब नेता विपक्ष ने शून्य काल के दौरान नशे का मुद्दा उठाया. इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.
विपक्ष की तरफ से सदन में से गंभीर आरोप लगाए गए और कहा गया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए बनाई गई STF के पुलिसकर्मी ही नशे के सौदे संलिप्त पाए गए. इतना ही नहीं विपक्ष ने सरकार पर विपक्ष के नेताओं के फोन बिना इजाजत सर्विलेंस पर लगाने के भी आरोप लगाए.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश में युवा नशे के ओवरडोज के कारण चौक-चौराहों पर अपनी जान गंवा रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि जब उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को सदन में उठाया तो मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी इस पर हंसते नजर आए, जो बेहद चिंताजनक और गैर-जिम्मेदाराना रवैया है.
बीजेपी सरकार में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई- जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ केवल दिखावे के लिए वॉकथन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों से बच्चों को बुलाकर 4 से 5 घंटे तक इंतजार करवाया जाता है. विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है. बिना उचित जांच के पुलिस कर्मियों को एसटीएफ में तैनात किया गया है, जिससे नशे के खिलाफ अभियान की गंभीरता पर सवाल उठते हैं. विपक्ष ने पूर्व सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसके चलते कई लोगों को यह अवैध कारोबार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था.
धिकारी केवल सरकार को खुश करने में लगे हुए हैं- जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के अधिकारी केवल सरकार को खुश करने में लगे हुए हैं और विपक्ष के नेताओं के फोन सर्विलांस पर रखे जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर विपक्षी नेताओं की फोन निगरानी की गई थी.
नशा भाजपा सरकार के दौरान फैला- सीएम सुक्खू
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम सनसनी फैला रहे हैं, नशा भाजपा सरकार के दौरान फैला, जबकि मौजूदा सरकार ने इस पर कार्रवाई की है -l बेबश माँ हमारे पास आती थी कि उनके बच्चों को बचा लो, नशे के खिलाफ पुलिस ने बहुत बढ़िया काम किया. 11 पुलिस कर्मी नौकरी से बर्खास्त किए गए जबकि 8 अन्य कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया. 35 लोग अभी जेल में है.
सीएम सुक्खू ने आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट की पेश
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट भी पेश की. जिसके मुताबिक राज्य के लोगों की आर्थिक समृद्धि को दर्शाते हुए वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय ₹283.626 आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है, जो राष्ट्रीय औसत से ₹64,051 अधिक है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पर संतोष जाहिर किया है. जबकि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में पिछले वर्ष की तुलना में 10.1फ़ीसदी वृद्धि दर्ज की गई है.























