Himachal Weather: हिमाचल में भारी बारिश का कहर, मंडी में मकान ढहे, अलर्ट जारी, अब तक 192 लोगों की मौत
Mandi floods: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी है, जिससे मंडी जिले में भूस्खलन और बाढ़ आई है. कई सड़कें बंद हैं और स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार (5 अप्रैल) को मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. जिससे मंडी जिले में भारी बारिश हो रही है. नदी नाले उफान पर है. मंडी शहर के टारना में भारी भूस्खलन की चपेट में मकान आ गए, हालांकि इसमें मानवीय क्षति की सूचना नहीं है. उधर मंडी के ही बल्ह में सुकेत खड्ड उफान पर है, यहां गुटकर में गाड़ियां पानी में तैरती नजर आई. अब तक 192 लोगों की मौत हो चुकी है.
मंडी जिले के सुंदरनगर उपमंडल में भारी वर्षा के कारण एसडीएम ने मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घिरी, प्राथमिक पाठशाला थमारी और खरलोह में छुट्टी घोषित कर दी है, हालांकि स्कूल के शिक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं.
पर्यटकों से नदी-नालों के पास न जाने की की है अपील
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार (4 अप्रैल) रात से मंगलवार सुबह (5 अप्रैल) तक मंडी में सर्वाधिक 151 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि बग्गी में 104, सुंदरनगर में 84 और मुरारी देवी में 83 मिमी वर्षा हुई है. इसके अलावा मंडी, हमीरपुर और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. आगामी दिनों में भी राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. प्रशासन ने आम जनता और पर्यटकों से नदी-नालों के पास न जाने की अपील की है.
कुल्लू जिले में नेशनल हाईवे-305 भी है बंद
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार भारी वर्षा के कारण प्रदेश भर में चार राष्ट्रीय उच्च मार्ग और 449 सड़क यातायात के लिए अवरुद्ध हो गई हैं. मंडी जिले में तीन राष्ट्रीय उच्च मार्गों समेत 318 सड़कों का यातायात प्रभावित हुआ है. इनमें से मंडी से कुल्लू जाने वाला नेशनल हाईवे-21 नौ मील के पास, मंडी-धर्मपुर नेशनल हाईवे-003 कैंची मोड़ पर और मंडी-जोगिंदरनगर नेशनल हाईवे-154 महिला थाना के पास बंद है. कुल्लू जिले में नेशनल हाईवे-305 भी बंद है. इसके अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 783 बिजली ट्रांसफार्मर और 276 पेयजल योजनाएं भी ठप हो गई हैं.
कहां कितने लोगों की हो चुकी है मौत
मौसम के इस कहर से प्रदेश में अब तक 192 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सबसे अधिक 42 मौतें मंडी में हुई हैं. इसके अलावा कांगड़ा में 30, शिमला, कुल्लू और चंबा में 18-18, सोलन में 13, हमीरपुर में 12, ऊना और किन्नौर में 11-11, बिलासपुर में 8, लाहौल-स्पीति में 6 और सिरमौर में 5 मौतें दर्ज की गई हैं.
मंडी जिले में 1089 घरों को हुआ है नुकसान
इस भारी वर्षा और भूस्खलन से प्रदेश भर में 1692 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 464 घर पूरी तरह से ढह गए हैं. मंडी जिले में सबसे अधिक 1089 घरों को नुकसान हुआ है, जिनमें से 391 पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं. इसके अलावा 298 दुकानें और 1524 पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
11 अगस्त तक हिमाचल में मौसम खराब रहने की है संभावना
प्रदेश में अब तक 1753 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को 888 करोड़ रुपये और जल शक्ति विभाग को 618 करोड़ रुपये की क्षति हुई है. मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में 547 ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिससे बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई है. कांगड़ा जिले में 120 और कुल्लू जिले में 68 पेयजल योजनाएं ठप हैं. मंडी में 86 और चंबा में 49 पेयजल योजनाएं प्रभावित हो गई हैं. मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक हिमाचल में मौसम खराब रहने की संभावना व्यक्त की है. इस दौरान कई जगह भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
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Source: IOCL























