Himachal: ग्रामीण बोले, 'टौंस नदी का इतना खौफनाक रूप पहले कभी नहीं देखा', इमरजेंसी टीमें अलर्ट
Sirmaur Floods: हिमाचल में भारी बारिश से टौंस नदी में दशकों बाद विकराल बाढ़ आई है. शिमला और सिरमौर में नदी ने तबाही मचाई, सड़कें डूब गईं, और चट्टानें बह गईं. ग्रामीणों ने ऐसा रूप पहले कभी नहीं देखा.

हिमाचल प्रदेश में लगातार मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है. शिमला और सिरमौर जिले से गुजरने वाली टौंस नदी अब विकराल रूप धारण कर चुकी है. दशकों बाद नदी के उफान में एक विशालकाय चट्टान पूरी तरह डूब गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 20–25 वर्षों का रिकॉर्ड टौंस नदी ने तोड़ डाला है. नदी का बहाव इतना तेज है कि सड़कों पर चलना भी मौत को दावत देने जैसा बन गया है. आलम यह है कि तेज धारा में वाहन पलक झपकते ही समा जा रहे हैं. जगह-जगह पर पेड़ उखड़कर बह रहे हैं, भारी-भरकम चट्टानें और बड़े-बड़े पत्थर तिनके की तरह नदी की लहरों में गायब हो रहे हैं.
लोगों की दहशत भरी गवाही
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में टौंस नदी का इतना खौफनाक रूप पहले कभी नहीं देखा. गांव के कई रास्ते बंद हो गए हैं, खेत खलियान जलमग्न हो चुके हैं और मकानों की नींव तक हिल चुकी है. लोग छतों और ऊंचाई वाले इलाकों में शरण लेने को मजबूर हैं.
सिरमौर से दिल्ली-हरियाणा तक खतरे का अलर्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बरसात का यही सिलसिला जारी रहा तो टौंस का पानी यमुना नदी में पहुंचकर दिल्ली और हरियाणा तक असर डाल सकता है. पहले ही सिरमौर जिले के कई इलाकों का संपर्क कट गया है और प्रशासन ने आपातकालीन टीमें अलर्ट पर रख दी हैं.
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि लोग नदी किनारे न जाएं. सुरक्षा कारणों से कई घाटों और पुलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. गोताखोर और एनडीआरएफ की टीमों को तैयार रहने के आदेश मिल चुके हैं.
स्थिति बेहद नाजुक
लगातार बारिश और पहाड़ों से आ रहे मलबे के कारण टौंस नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है. हालात यह हैं कि जहां कभी लोग घाटों पर पूजा और मेले-ठेले किया करते थे, वहां आज सिर्फ पानी का सैलाब नजर आ रहा है.
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Source: IOCL






















