हिमाचल में उद्योग पलायन पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, किया वॉकआउट
Himachal Monsoon Session: पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कोई बड़ा उद्योग प्रदेश में स्थापित नहीं हुआ. उल्टा बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी के कारण उद्योग हिमाचल से बाहर जा रहे हैं.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा मॉनसून सत्र के सातवें दिन प्रश्नकाल में उद्योगों की स्थिति को लेकर पक्ष और विपक्ष में तीखी नोंक झोंक देखने को मिली. बीजेपी विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने प्रश्नकाल में बीते तीन वर्षों में निवेश और उद्योगों की स्थिति का मामला उठाया था.
इस मुद्दे पर उद्योग मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि तीन साल में 2853 नए यूनिट स्थापित हुए हैं और 115 यूनिट बंद हुए हैं. विपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण राज्य से उद्योग लगातार पलायन कर रहे हैं. बेरोजगारी दर तेज़ी से बढ़ रही है.
विपक्ष ने सदन से किया वॉकआउट
इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर ने कहा कि पूर्व सरकार में कस्टमाइज पैकेज के नाम पर हिमाचल के हितों को बेचा गया है. मुफ्त में जमीनें दीं गई हैं. सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से औद्योगिक क्षेत्र बर्बाद हो गया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के दौरान राज्य को मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क मिले, लेकिन मौजूदा सरकार उद्योग बचाने में पूरी तरह विफल रही है.
तीन साल में बड़ा उद्योग स्थापित नहीं- जयराम ठाकुर
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कोई बड़ा उद्योग प्रदेश में स्थापित नहीं हुआ. उल्टा बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी के कारण उद्योग हिमाचल से बाहर जा रहे हैं. सरकार में बैठे लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. बड़े उद्योगपति यहां निवेश करने से डर रहे हैं क्योंकि कांग्रेस के नेताओं के परिवार तक उगाही और दबाव डालने में लगे हुए हैं.
जयराम ठाकुर ने जगत नेगी के बायकॉट पर कहा, "राजस्व मंत्री सदन के बाहर और अंदर बकवास करते हैं. सदन में विपक्ष के नेता के लिए पनौती जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. पनौती तो राजस्व मंत्री और सीएम हैं, जिन्होंने प्रदेश के लोगों को परेशान कर रखा है."
कौड़ियों के दाम में कंपनियों को दीं जमीनें- सीएम
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने विपक्ष पर सरकार में रहते हिमाचल के हितों को बेचने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा है कि कौड़ियों के दाम पर तीन कंपनियों को बीजेपी सरकार ने उद्योग लगाने के लिए जमीनें दीं. कस्टमाइज पैकेज का नाम देकर बड़ा घोटाला हुआ सरकारी इसकी जांच करेगी.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष पूरी तरह कन्फ्यूजन और परेशान है. बीजेपी 5 गुटों में बंटी हुई है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व उद्योग मंत्री ने भ्रष्टाचार को नियमों का रूप देने का प्रयास किया.
'पिछली सरकार ने किया घोटाला'
सीएम सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार ने कंपनियों को बेहद कम दामों पर जमीनें दी और सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट दी गई और 4000 बीघा जमीन 1 रुपए प्रति स्क्वेयर मीटर और 300 बीघा जमीन 3 रुपए स्क्वेयर मीटर की दर पर दी गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्टमाइज पैकेज का नाम देकर उद्योग लगाने के नाम पर घोटाला हुआ है. सरकार गंभीरता से इसकी जांच करेगी.
वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के विपक्ष द्वारा किए जा रहे बॉयकॉट मामले पर मुख्यमंत्री ने अपने मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा मंत्री जगत सिंह नेगी का बायकॉट करने के पीछे मंत्री का सच बोलना हैं. जगत नेगी सच्चे पक्के मंत्री हैं जो विपक्ष को रास नहीं आ रहा है.
भारी बारिश पर सीएम सुक्खू ने क्या कहा?
प्रदेश में भारी बारिश से उपजे हालातों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देर रात से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो रही है और नुकसान हो रहा है. जिला कलेक्टर के स्तर पर शिक्षण संस्थानों को बंद या खुले रखने का निर्णय लेने के आदेश दिए गए हैं. सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
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Source: IOCL






















