DU के प्रोफेसर्स नहीं बन सकते प्रोटेस्ट का हिस्सा, एडवाइजरी पर भड़के दीपेंदर हुड्डा, बोले- 'शर्म आनी चाहिए'
Delhi University Protest Adviosry: दिल्ली विश्वविद्यालय ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है. जिसको लेकर अब कांग्रेस सांसद ने निशाना साध दिया है.

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी की है. जिसमें कहा गया है कि प्रदर्शन जाना सुप्रीम कोर्ट की ओर से गैरकानूनी है. ऐसा करने वाले के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की इस एडवाइजरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
डीयू की एडवाइजरी पर हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सवाल खड़े करते हुए इसकी निंदा की है. साथ ही उन्होंने विश्विद्यालय प्रशासन पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है. दीपेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और स्वयं एक सांसद होने के नाते, मैं इस भ्रामक और धमकी भरे बयान की कड़ी निंदा करता हूं.
As an alumni of Delhi University and as a law maker myself being a Member of Parliament I totally condemn this misleading and threatening statement from @UnivofDelhi
— Deepender Singh Hooda (@DeependerSHooda) July 23, 2026
Which SC ruling has rendered the Jantar Mantar demonstrations/assemblies as blanket “unlawful” as claimed in… https://t.co/89JZ0TA4p6
दीपेंद्र हुड्डा ने पूछा सवाल
दीपेंद्र हुड्डा ने सवाल करते हुए कहा, "सुप्रीम कोर्ट के किस फैसले ने जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों/सभाओं को पूरी तरह से गैरकानूनी घोषित किया है, जैसा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के इस बयान में दावा किया गया है?" उन्होंने आगे कहा, "छात्रों से झूठ बोलने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय को शर्म आनी चाहिए."
दिल्ली विश्विद्यालय ने जारी किया ये आदेश
दिल्ली विश्विद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए एक आदेश जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि छात्रों और शिक्षकों, आपकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. कृपया ध्यान दें कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी सभा या प्रदर्शन, जो भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कड़ाई से विनियमित है, कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है. ऐसी गतिविधियों के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
दिल्ली विश्विद्यालय का यह आदेश अब विवादों में आ गया है. जिसको लेकर दीपेंद्र हुड्डा ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बता दें कि बीते कई दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं द्वारा नीट पेपर लीक के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. जहां पुलिस द्वारा 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है. इसी के चलते दिल्ली विश्विद्यालय ने आदेश जारी किया है.
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