गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट में होगा बड़ा बदलाव! SIR में आए 17 लाख आवेदन, कौन जुड़ा-कौन बाहर?
Gujarat News: SIR के तहत अंतिम वोटर लिस्ट से पहले करीब 17 लाख आवेदन दाखिल किए गए हैं. ECI के अनुसार, सभी दावों और आपत्तियों का फील्ड-लेवल सत्यापन कर तय समय पर अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.

गुजरात में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत अंतिम वोटर लिस्ट जारी होने से पहले 16.76 लाख से ज्यादा आवेदन दाखिल किए गए हैं. इस प्रक्रिया में नाम जोड़ने और हटाने से जुड़े दावे शामिल हैं. यह रिवीजन चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत पूरे राज्य में किया जा रहा है.
कितने आवेदन, किस श्रेणी में
गांधीनगर में 29 जनवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर के दौरान कुल 16.76 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 6.88 लाख से ज्यादा आवेदन वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए दाखिल किए गए. वहीं, 9.88 लाख से अधिक आवेदन नाम हटाने से संबंधित हैं.
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, 28 जनवरी तक राज्य की 182 विधानसभा सीटों से नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 और 6 ‘ए’ के कुल 6,88,116 आवेदन जमा हुए. इसी अवधि में नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के 9,88,621 आवेदन प्राप्त किए गए. ये आंकड़े रिवीजन प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को दिखाते हैं.
दावे, आपत्तियां और सत्यापन प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने वोटरों को वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने, हटाने या किसी तरह के सुधार से जुड़े दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 जनवरी तक का समय दिया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दावों और आपत्तियों का सत्यापन समानांतर रूप से किया जाएगा.
फील्ड-लेवल जांच के बाद ही प्रत्येक आवेदन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम गलती से न हटे. आईएएनएस के अनुसार, प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रहे. सत्यापन के दौरान दस्तावेजों और स्थानीय स्तर की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है.
एसआईआर का उद्देश्य और आगे की प्रक्रिया
गुजरात में एसआईआर अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर को हुई थी, जिसमें सभी 182 विधानसभा सीटों को शामिल किया गया. बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाता रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया. गिनती चरण पूरा होने के बाद 19 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की गई, ताकि सार्वजनिक जांच हो सके.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योग्य मतदाताओं को सूची से बाहर न किया जाए और अयोग्य नामों को हटाया जाए. इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं, स्थान बदलने वाले नागरिकों, मृत मतदाताओं, डुप्लीकेट एंट्री और स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों की पहचान शामिल है. सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी.
Source: IOCL



























