शिकोहपुर जमीन घोटाला: कोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा को मिलेगा पक्ष रखने का मौका, 2 अगस्त को फैसला
Shikhopur Land Scam: दिल्ली कोर्ट में शिखोपुर ज़मीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर सज्ञान लेने की सुनवाई आज टाल दी गई, अब 2 अगस्त को फैसला आएगा.

दिल्ली के रॉउज एवन्यू कोर्ट में हरियाणा के शिकोहपुर में जमीन घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर सज्ञान लेने के मामले में रॉउज एवन्यू कोर्ट में फिलहाल सुनवाई आज टाल दी है.
रॉउज एवन्यू कोर्ट 2 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगा. यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर-83 स्थित गांव शिकोहपुर की 3.53 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है, जो साल 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने खरीदी थी.
इसमें कोर्ट में ईडी ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा था, कि हरियाणा के शिखोपुर में जमीन सौदे से जुड़ा मामला मनी लॉन्ड्रिंग का साफ और क्लासिक उदाहरण है.
जांच एजेसी ईडी ने कोर्ट में रखी दलील
इसके साथ ही स्पेशल जज सुशांत चगोतरा की कोर्ट में ईडी की ओर से आरोपी रॉबर्ट वाड्रा को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर बहस की गई थी. अब रॉउज एवन्यू स्पेशल कोर्ट 2 अगस्त को इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा को अपना पक्ष रखने के मामले नोटिस जारी करने को लेकर अपना फैसला सुनाएगा.
रॉउज एवन्यू कोर्ट में जांच एजेंसी ईडी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले में जांच एजेंसी के पास रॉबर्ट वाड्रा को लेकर अहम सबूत हैं और यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक मजबूत उदाहरण है. जहां अपराध की आय से अचल संपत्तियाँ खरीदी गईं. सबूत स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि अपराध की आय को प्राप्त किया गया परत-दर-परत छुपाया गया और उसका फायदा उठाया गया.
कोर्ट में वकील ने दलील देते हुए कहा कि यह अदालत इस मामले की सुनवाई करने के लिए सक्षम है क्योंकि अपराध की कुछ गतिविधियाँ दिल्ली में भी हुई थीं.
रॉउज एवन्यू कोर्ट में ईडी ने दाखिल की चार्जशीट
अब ED ने 17 जुलाई 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस चार्जशीट में कुल 11 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है. जिसमें रॉबर्ट वाड्रा उनकी कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटिलिटी प्राइवेट लिमिटेड उनके सहयोगी सत्यानंद याजी, केवल सिंह विरक और उनकी कंपनी ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राईवेट लिमिटेड भी शामिल है.
यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर 83, गांव शिकोहपुर की 3.53 एकड़ जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है. जो साल 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने खरीदी थी. आरोप है कि इस डील में झूठे दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ और पर्सनल इनफ्लुएंस से कमर्शियल लाइसेंस भी लिया गया.
ईडी ने साल 2018 में दर्ज की थी ECIR
इस मामले में पहले ही FIR नंबर 288 दिनांक 01.09.2018 को गुरुग्राम पुलिस ने दर्ज की थी. अब ED ने जांच के बाद 16 जुलाई 2025 को 43 प्रॉपर्टीज (37.64 करोड़ की) अटैच की है और फिर चार्जशीट फाइल की गई है. फिलहाल रॉउज एवेन्यू कोर्ट अब 2 अगस्त को इस मामले में अपना आदेश जारी करेगा.
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Source: IOCL






















