'जोरदार धमाके की आवाज सुनी और...', चश्मदीद ने बताया कैसे दिल्ली विधानसभा में घुस गई कार?
Delhi Assembly Security Breach: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे जब एसयूवी ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, तब उसकी रफ्तार बहुत तेज थी और वह तेजी से विधानसभा परिसर के अंदर दाखिल हुई.

दिल्ली विधानसभा में सोमवार (06 अप्रैल) दोपहर एक नकाबपोश व्यक्ति तेज रफ्तार एसयूवी कार से गेट को तोड़ते हुए परिसर के भीतर घुसा दिया. वाहन ने पहले बाहर एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी और फिर विधानसभा के भीतर एंट्री की, जहां ड्राइवर ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की पार्किंग में खड़ी गाड़ी के अंदर एक गुलदस्ता रखा और वहां से फरार हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे जब एसयूवी ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, तब उसकी रफ्तार बहुत तेज थी और वह तेजी से परिसर के अंदर दाखिल हुई.
चश्मदीद ई-रिक्शा ड्राइवर ने क्या कहा?
जिस ई-रिक्शा को टक्कर लगी, उसके ड्राइवर गौरव ने बताया, “मैंने अपना ई-रिक्शा विधानसभा के गेट नंबर 2 के बाहर खड़ा किया था और मेट्रो गेट के पास ग्राहकों का इंतजार कर रहा था, तभी मुझे लोहे के द्वार से कार के टकराने की जोरदार आवाज सुनाई दी.” गौरव आमतौर पर विधानसभा मेट्रो स्टेशन और मजनू का टीला के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करता है. उसने बताया कि जब तक वह अपने वाहन के पास पहुंचा, वहां भीड़ जमा हो गई थी. उसने कहा कि कार की रफ्तार करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी और वह उतनी ही तेजी से बाहर निकली.
टक्कर से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त
टक्कर से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया है. गौरव ने बताया कि उसके ई-रिक्शा के पीछे का एक हिस्सा टूट गया और हैंडल तिरछा हो गया. उसने कहा, “मुझे मरम्मत के लिए कोई (बीमा) दावा भी नहीं मिलेगा.” उसने मरम्मत का खर्च करीब 4,000 रुपये बताया. ड्राइवर ने बताया कि गेट पर मौजूद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक कर्मी ने कार के प्रवेश करते ही पुलिस और अधिकारियों को सचेत करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों के प्रतिक्रिया देने से पहले ही वह फरार हो गया.
आरोपी सरबजीत सहित 3 लोग हिरासत में लिए गए
पुलिस ने उत्तरी दिल्ली से ड्राइवर सरबजीत सिंह सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है और वाहन को जब्त कर लिया है. सिंह (37) को किसान आंदोलन का समर्थक माना जा रहा है. उसने सोशल मीडिया मंच पर 2020-21 के आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान नेताओं के समर्थन में कई पोस्ट शेयर किए थे. इनमें से कुछ सामग्री बाद में या तो उसके द्वारा या मूल पोस्ट करने वालों द्वारा हटा दी गई थी. पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते सहित कई टीमों द्वारा विधानसभा परिसर की गहन तलाशी ली गई, जिसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला.
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Source: IOCL


























