कंगना के 'गटर छाप' वाले बयान पर सौरव दास बोले, 'उनको तो...'
Saurav Das On Kangana Ranaut: बीजेपी सांसद कंगना रनौत की 'गटर छाप' वाली टिप्पणी पर विवाद हो गया. इस पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी.

Gen-Z पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया. उन्होंने जेनजी को जेनरेशन गटर कह दिया. अब इस पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कंगना रनौत को उनके पार्टी वाले ही ज्यादा नहीं पूछते हैं. उनके पार्टी के लोग ही उनको ज्यादा सीरियसली नहीं लेते हैं तो हम लोग क्यों लें?
नेताओं को अपनी शब्दावली संभाल लेनी चाहिए- सौरव
सौरव दास ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कोई भी उनको सीरियसली लेता है या उनकी बात सुनता है. वो नेता बन गई हैं. इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं. शब्दावली सही नहीं है. नेताओं को अपनी शब्दावली संभाल लेनी चाहिए. अपने पद की गरिमा को बनाकर रखना चाहिए. आपसे कई गुना ज्यादा जेनजी ने इस देश के लिए किया है और कर रहे हैं. इस देश के लोकतंत्र में फिर से भरोसा जगाने का काम जेनजी ने किया है, आपने नहीं किया है. ये आप जरूर याद रखिए."

हमारी कुछ मांगें थीं, वो पूरी होनी चाहिए- सौरव
वहीं, सरकार से अपनी मांगों को लेकर सौरव दास ने कहा कि हम लोग कई दिनों से ग्राउंड पर थे, हमारी कुछ मांगें थीं और वो मांगें पूरी होनी चाहिए. ये सबसे महत्वपूर्ण बात है. हमारी जो एक मुख्य मांग थी कि सारे एफआईआर वापस लिए जाएं. फ्यूचर में भी ऐसे एक्शन सरकार नहीं लेगी ये भी मांग थी. ये गारंटी लिखित में आज तक आ जाना चाहिए. हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाना चाहिए, ये हमारी मांग थी. अगर सुप्रीम कोर्ट बोल रही है कि अगर जिनके ऊपर पहले से एफआईआर है उनको मत छोड़िए तो ये हमें मंजूर नहीं है. हमारा डिमांड क्लियर है, उसी के हिसाब से होना चाहिए. उसी पर अग्रीमेंट हुई थी.
सरकार के नोटिफिकेशन का इंतजार- सौरव
इसके आगे उन्होंने बताया कि कल रात दस बजे से एक बजे तक हमारी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग हुई. उसमें यही डिसाइड हो रहा था कि कैसे रिलीज होंगे और क्या-क्या नोटिफिकेशन निकालेंगे. असम और बिहार ने नोटिफिकेशन निकाला. उस नोटिफिकेशन के लैंग्वेज पर बात हो रही थी. हमने कहा कि सारे प्रदर्शनकारी जो इसमें शामिल थे उनके खिलाफ एफआईआर नहीं होनी चाहिए. आज मंगलवार है, हम अभी इंतजार कर रहे हैं. सरकार को अमल तो करना चाहिए.
























