अब तक चुप थे और अचानक से कैसे बढ़ गई भीड़? जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच प्रशांत भूषण ने पूछा सवाल
प्रशांत भूषण ने जंतर-मंतर पर बढ़ती भीड़ को लेकर दावा किया कि CJP के आंदोलन और सोनम वांगचुक के अनशन ने लोगों में बदलाव के लिए आगे आने का भरोसा जगाया है.

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन और प्रस्तावित संसद मार्च से पहले वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने प्रदर्शन में जुट रही भीड़ को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर इन दिनों उमड़ रही भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि देश के लोग अब खुद को असहाय नहीं मान रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने के लिए आगे आ रहे हैं.
प्रशांत भूषण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि जंतर-मंतर पर लोगों की भारी भीड़ को देखकर कई लोग यह सवाल कर रहे हैं कि जो लोग अब तक शांत और निष्क्रिय थे, वे अचानक कैसे जाग गए. उन्होंने कहा कि इसका कारण यह है कि देश में लगभग हर क्षेत्र में हो रही गिरावट से बड़ी संख्या में लोग पहले से चिंतित थे, लेकिन उन्हें लगता था कि वे कुछ नहीं कर सकते. इस वजह से वे खुद को बेबस महसूस कर रहे थे.
दिल्ली पुलिस की रोक के बीच संसद मार्च की तैयारी, अनशन पर सोनम वांगचुक का बड़ा ऐलान, हाई अलर्ट
भूषण ने दावा किया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन और सोनम वांगचुक के आमरण अनशन ने लोगों के भीतर यह विश्वास पैदा किया है कि वे बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभा सकते हैं. उनके अनुसार, इसी भावना के चलते बड़ी संख्या में लोग अब जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं और आंदोलन से जुड़ रहे हैं.
उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च ऐतिहासिक होगा.
वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि, उनके समर्थक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है. पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर रोक है.
























