दिल्ली: 85 करोड़ खर्च होने के बाद भी अधूरा तिमारपुर Oxidation प्लांट, जल मंत्री ने दिए ये आदेश
Delhi News: दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने तिमारपुर में एक अधूरे ऑक्सीकरण प्लांट का निरीक्षण किया. 85 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट पर जांच के आदेश दिए गए हैं.

Parvesh Singh Visits Delhi Oxidation Plant: दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिल्ली के तिमारपुर स्थित Oxidation प्लांट का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान प्लांट की खराब स्थिति को देखते हुए मंत्री ने तत्काल जांच के आदेश दिए. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा 85 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और पुरानी तकनीक का ट्रीटमेंट प्लांट बनाया था, लेकिन इतने खर्च के बावजूद यह प्लांट अधूरा पड़ा है और अब तक कमीशन नहीं हो पाया है.
जल मंत्री के मुताबिक, प्लांट की स्थिति काफी खराब है. वहां घास उग आई है और साफ तौर पर यह उपयोग में नहीं है. प्रवेश वर्मा ने कहा, “इतनी बड़ी रकम खर्च होने के बाद भी अगर प्लांट अधूरा है, तो इसकी जांच होनी चाहिए. मैं अधिकारियों को निर्देश दे रहा हूं कि इस मामले की जांच करवाई जाए. साथ ही जिस ज़मीन पर प्लांट बना है, उसका सही उपयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा.”
आज तिमारपुर ऑक्सीडेशन पोंड का निरीक्षण किया।
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) April 20, 2025
AAP सरकार ने 85 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। लेकिन ये प्रोजेक्ट आज तक शुरू भी नहीं हुआ, एक बूंद पानी तक ट्रीट नहीं हुआ।
यह भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल है। Outdated योजना थी जो बिना तकनीकी सोच के शुरू की गई। इसके लिए जांच के आदेश दिए… pic.twitter.com/CzHeeZkJh4
बुनियादी सुविधाएं भी अधूरी हैं
तिमारपुर Oxidation प्लांट का निर्माण साल 2019 में यमुना सफाई मिशन के तहत किया गया था. इस प्लांट का मकसद था कि तिमारपुर और आसपास के इलाकों से निकलने वाले सीवेज का ट्रीटमेंट कर उसे यमुना में छोड़ा जाए, जिससे नदी की गंदगी कम हो सके. लेकिन प्लांट अब तक कमीशन नहीं हो पाया है और बुनियादी सुविधाएं भी अधूरी हैं.
ट्रीटमेंट मानकों का हो रहा है पालन
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब दिल्ली सरकार यमुना की सफाई को लेकर मिशन मोड में काम कर रही है. सरकार के जल मंत्री प्रवेश और अधिकारी लगातार दिल्ली के अलग-अलग सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपनी निर्धारित क्षमता पर काम कर रहे हैं और ट्रीटमेंट मानकों का पालन हो रहा है.
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Source: IOCL






















