नमो भारत ने बदली जिंदगी की रफ्तार, दिल्ली से मेरठ तक सफर, नौकरी और व्यापार हुआ आसान
Namo Bharat: दिल्ली की डॉक्टर नेहा ने कहा, “मैं अक्सर मेरठ और मुजफ्फरनगर जाती हूं. पहले सफर में तीन घंटे लगते थे, अब नमो भारत से सिर्फ आधे घंटे में पहुंच जाती हूं.
Delhi News: देश की पहली सेमी-हाई स्पीड रीजनल ट्रेन नमो भारत अब सिर्फ एक रेल नहीं, बल्कि एनसीआर के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है. दिल्ली, गाजियाबाद, मोदीनगर, मुरादनगर और मेरठ जैसे शहरों के बीच यात्रा अब न केवल आसान, बल्कि तेज़, सुरक्षित और किफायती भी हो गई है. खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, महिलाओं और छात्रों के लिए यह ट्रेन एक नई सुबह की तरह आई है.
घंटों का सफर सिमटा मिनटों में
जहां पहले इन शहरों के बीच सफर में घंटों लग जाते थे, वहीं अब यह यात्रा सिर्फ कुछ मिनटों की रह गई है. इससे लोगों को न सिर्फ समय की बचत हो रही है, बल्कि अब वे अपने घर से रोजाना नौकरी के लिए दिल्ली और अन्य शहरों तक आ-जा पा रहे हैं, जिससे किराए पर रहने की मजबूरी भी खत्म हो गई है.
नमो भारत ट्रेन से मिल रहा लोगों को स्वच्छ और आरामदायक यात्रा का अनुभव
बता दें कि वर्तमान में नमो भारत ट्रेन दिल्ली के न्यू अशोक नगर से लेकर मेरठ साउथ तक के 55 किलोमीटर लंबे सेक्शन में 11 स्टेशनों पर दौड़ रही है. ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रतिघंटा है, जिससे यात्रियों को एक तेज़, आरामदायक और प्रदूषणमुक्त यात्रा अनुभव मिल रहा है. ट्रेन की सिलेक्टिव डोर ओपनिंग तकनीक न केवल गर्मी में ठंडक बनाए रखती है, बल्कि ऊर्जा की बचत भी करती है. बाहर के प्रदूषण और धूल से दूर यह ट्रेन एक स्वच्छ और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान कर रही है.
नमो भारत के यात्रियों ने साझा किए अपने यात्रा अनुभव
दिल्ली की डॉक्टर नेहा ने बताया, “मैं अक्सर मेरठ और मुजफ्फरनगर जाती हूं. पहले सफर में तीन घंटे लगते थे, अब नमो भारत से सिर्फ आधे घंटे में पहुंच जाती हूं. इससे समय की भारी बचत होती है, जिसे अब मैं मरीजों की सेवा में लगा रही हूं. ट्रेन में महिला कोच भी है, जिससे और भी सुविधा मिलती है.”
इसी तरह मुरादनगर से दिल्ली आने-जाने वाले एक सरकारी कर्मचारी ने कहा, “पहले दिल्ली में किराए पर रहना पड़ता था, अब रोजाना आना-जाना संभव है. हर 15 मिनट में ट्रेन उपलब्ध है. समय भी बचता है और परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने का मौका भी मिलता है.”
सुरक्षा और सुविधा का बेहतर संगम
एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने कहा, “पहले बसों में यात्रा करनी पड़ती थी, जो न तो सुरक्षित थी और न ही समयबद्ध. अब नमो भारत से न केवल सुरक्षित सफर होता है, बल्कि समय की भी बचत होती है. महिला कोच की सुविधा से और अधिक आत्मविश्वास मिलता है.”
वहीं, मेरठ की एक स्कूल शिक्षिका ने कहा, “गाजियाबाद जैसी जगहों पर सुबह की कार्यशालाओं में पहुंचना पहले असंभव लगता था. अब नमो भारत के चलते यह बेहद आसान हो गया है। महिला कोच और समयबद्धता इसे और भी बेहतर बनाते हैं.”
ट्रैफिक और खर्च दोनों से छुटकारा
मुरादनगर के व्यापारी फारुक कुरैशी पहले निजी कार से साहिबाबाद तक आते थे. उन्होंने बताया कि पहले वे हर दिन जाम में फंसते थे, समय के साथ अनावश्यक पेट्रोल खपत के कारण पैसों की भी बर्बादी होती थी. लेकिन अब महज 120 रुपये में वे आराम से ऐसी ट्रेन में सफर करते हैं. जिसके लिए उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया. वहीं, मेरठ के अशोक राणा ने बताया कि, अब न उन्हें ट्रैफिक की चिंता होती है और न ही बस का इंतजार करना पड़ता है. नमो भारत ट्रेन में वे आराम से यात्रा करते हुए अपने काम भी निपटा लेते हैं.
जल्द मिलेगी मेट्रो की सौगात भी
बताते चलें कि, नमो भारत के बाद मेरठ में जल्द ही मेट्रो ट्रेन भी दौड़ने लगेगी. मेरठ साउथ से मोदीपुरम डिपो तक 13 स्टेशनों की मेट्रो लाइन पर काम तेजी से चल रहा है. इनमें से तीन स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे. चार प्रमुख स्टेशनों-मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम पर नमो भारत और मेट्रो दोनों की सुविधा उपलब्ध होगी.
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