Delhi Election 2025: कांग्रेस के लिए पहेली बना करावल नगर सीट, अब तक रहा है बीजेपी का गढ़
Delhi Assembly Election 2025: करावल नगर सीट 1993 में अस्तित्व में आया था.पहले चुनाव में बीजेपी के रामपाल ने जीत दर्ज की थी तो उसके बाद मोहन सिंह बिष्ट ने इस सीट पर 5 बार चुनाव जीत चुके हैं.

Delhi Vidhan Sabha chunav: करावल नगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है. यह उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है. उत्तर-पूर्व जिले में स्थित यह क्षेत्र 1993 में विधानसभा सीट के रूप में स्थापित हुआ. यह सीट राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां की जनता का मिजाज दिल्ली की राजनीतिक दिशा तय करने में बड़ा योगदान देता है.
करावल नगर सीट का इतिहास 1993 के विधानसभा चुनाव से शुरू होता है. इस सीट पर पहले चुनाव से लेकर अब तक के चुनावों में यहां बीजेपी का दबदबा बना रहा. जहां पहले चुनाव में बीजेपी के रामपाल ने कांग्रेस को मात देकर यहां से जीत दर्ज की तो वहीं उसके बाद मोहन सिंह बिष्ट ने पांच बार यहां से जीत दर्ज की.
हालांकि,एक बार उन्हें 2015 में आप के प्रत्याशी के हाथों बीजेपी को मात खानी पड़ी, लेकिन उसके बाद 2020 में बीजेपी ने एक बार फिर से वापसी की और मोहन सिंह बिष्ट एक बार फिर से यहां से विधायक बने. दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए करावल नगर सीट आज तक एक चुनावी तिलिस्म बनी हुई है, जिसे अब तक कांग्रेस पार्टी तोड़ने में नाकाम साबित हुई है.
जानें- करावल नगर सीट पर सियासी समीकरण
दिल्ली विधानसभा चुनाव के तहत मतदान के दिन अब महज कुछ ही दिन बचे हैं. इस बार करावल बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला है. विधानसभा चुनाव 2020 के आंकड़ों के मुताबिक करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,90,658 मतदाता थे. इनमें 1,06,553 पुरुष, 84,096 महिलाएं और 9 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं. घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में पहाड़ी के अलावा ज्यादातर लोग बिहार, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हैं.
बीजेपी ने कपिल मिश्रा पर खेला दांव
बीजेपी ने वर्तमान विधायक और यहां से पांच बार जीत दर्ज कर चुके मोहन बिष्ट का टिकट काट कर यहां से 2015 में चुनाव लड़े कपिल मिश्रा को अपना प्रत्याशी बनाया है, तो वहीं आम आदमी पार्टी ने मनोज त्यागी और कांग्रेस ने पीके मिश्रा पर अपना दांव लगाया है. कपिल मिश्रा ने ही साल 2015 में यहां से बीजेपी पा के मोहन बिष्ट का विजय रथ रोका था. उस वक्त उनकी मां अन्नपूर्णा मिश्रा बीजेपी में थी. दो बार वे सोनिया विहार से वार्ड पार्षद रह चुकी हैं.
साल 2020 के चुनाव से पहले कपिल मिश्रा ने अपनी पार्टी से अनबन होने के बाद आप का साथ छोड़ दिया और फिर बीजेपी में शामिल हो गए. उसके बाद 2020 में आप ने यहां से दुर्गेश पाठक को अपने प्रत्याशी के रूप में उतारा था, लेकिन बीजेपी के मोहन बिष्ट ने उन्हें मात देकर यहां वापसी की. उम्मीद की जा रही थी कि बीजेपी फिर उन्हें यहां से टिकट देगी, लेकिन उनकी जगह अब कपिल मिश्रा को बीजेपी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है.
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Source: IOCL






















