'अगर कैमरा नहीं लगा होता तो...' गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में बोलीं किरण बेदी
पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में चिंता जताते हुए कहा है कि आरोपी ने अपने बचाव के लिए गाड़ी के नंबर प्लेट से छेड़छाड़ की.

गुरुग्राम हिट एंड रन मामले में महिला बाइकर को कार से टक्कर मारने और आरोपी के मौके से फरार होने पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लोगों के मन में कानून का डर पैदा करना होगा. पूर्व उपराज्यपाल ने कहा कि वाहन चलाते समय नियम तोड़ने वाले व्यक्ति को यह डर होना चाहिए कि पकड़े जाने पर उसकी गाड़ी जब्त होगी, लाइसेंस जाएगा, हथकड़ी लगेगी, जेल जाना पड़ेगा, जुर्माना देना होगा और बदनामी भी होगी.
बेदी ने कहा कि इसके लिए पुलिस को टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए. जिस तरह ट्रैफिक कैमरों से सामान्य उल्लंघन पकड़कर ई-चालान भेजे जाते हैं, उसी तरह हाईवे और तेज रफ्तार वाले रास्तों पर कैमरों का नेटवर्क बनाया जाना चाहिए. उन्होंने दिल्ली, हरियाणा और यूपी पुलिस के कैमरों को आपस में जोड़ने और सिस्टम बनाने की बात कही, जिससे किसी संदिग्ध या तेज रफ्तार वाहन की जानकारी तुरंत दूसरे इलाके की पुलिस तक पहुंच सके और उसे इंटरसेप्टर के जरिए रोका जा सके.
उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए संदिग्ध वाहनों को अचानक रोका जाता है और कार्रवाई की जाती है. बेदी ने यह भी कहा कि आरोपी इस मानसिकता से ग्रसित हो सकता है कि एक महिला उसके साथ बराबरी से कैसे चल सकती है और वह सार्वजनिक सड़क पर अपनी मनमर्जी से चलने का अधिकार समझता है.
गुरुग्राम मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
बेदी ने यह भी कहा कि अगर महिला की बाइक पर कैमरा नहीं लगा होता तो घटना की पूरी तस्वीर सामने आना मुश्किल हो सकता था. उन्होंने आरोपी के घटना के बाद फरार होने, कथित तौर पर अपने शरीर पर चोट दिखाने और गाड़ी की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ किए जाने के पुलिस के दावों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ऐसा लगता है कि उसने अपने बचाव की तैयारी की.
उन्होंने कहा कि कानून से बच निकलने की संभावना का डर खत्म करना जरूरी है और पुलिस को लोगों में यह भरोसा पैदा करना होगा कि वे निगरानी में हैं और पकड़े जाएंगे.
बता दें गुरुग्राम पुलिस ने मामले में पहले रैश ड्राइविंग समेत धाराओं में केस दर्ज किया था और बाद में सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद बीएनएस की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई. आरोपी कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उसने पेशाब करने के बहाने भागने की कोशिश की, लेकिन गिरने के बाद उसे दोबारा पकड़ लिया गया. वहीं आरोपी बैंसला ने दावा किया है कि यह सिर्फ रैश ड्राइविंग का मामला है. हत्या करने की कोशिश जैसे आरोप निराधार हैं.






















