प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली में जल्द शुरू होगी ये सुविधा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का ऐलान
Delhi News: पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जितनी जल्दी हम बड़े पैमाने पर राइड शेयरिंग और कारपूलिंग शुरू करेंगे, हमारी सड़कों पर उतनी ही कम गाड़ियां दिखेंगी.

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राजधानी में फिर से राइड-शेयरिंग की सुविधा शुरू की जाएगी. साथ ही कारपूलिंग फ्रेमवर्क भी जल्द आएगा. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ओला, उबर, रैपिडो और अन्य के साथ बुधवार (31 दिसंबर) को बातचीत की.
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली सचिवालय में ओला, उबर, रैपिडो और अन्य एग्रीगेटर्स के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. दिल्ली सरकार के मुताबिक इस बैठक का मकसद दिल्ली में जल्दी ही राइड-शेयरिंग फिर से शुरू करना है. एग्रीगेटर्स गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कारपूलिंग फ्रेमवर्क पर काम शुरू करेंगे
सरकार की मानें तो लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, बस/शटल फ्लीट के विस्तार, ग्रीन वाहनों को अपनाने और भीड़भाड़ वाले पॉइंट्स की मैपिंग पर फोकस रहेगा.
'बड़े पैमाने पर शुरू करेंगे राइड शेयरिंग'
बैठक के बाद मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जितनी जल्दी हम बड़े पैमाने पर राइड शेयरिंग और कारपूलिंग शुरू करेंगे, हमारी सड़कों पर उतनी ही कम गाड़ियां दिखेंगी.
'जल्द से जल्द शुरू की जाएं सेवाएं'
बैठक में राइड-शेयरिंग पर विस्तार से चर्चा हुई. मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सभी एग्रीगेटर्स दिल्ली में राइड-शेयरिंग सेवाएं जल्द से जल्द फिर शुरू की जाएं, क्योंकि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटती है और प्रदूषण कम होता है. एग्रीगेटर्स ने बताया कि कुछ तकनीकी और संचालन से जुड़ी तैयारियां बाकी हैं, जिस पर मंत्री ने परिवहन विभाग को एक महीने के भीतर राइड-शेयरिंग सुविधा पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए.
इसके बाद कारपूलिंग के मुद्दे पर चर्चा हुई. मंत्री ने कहा कि खासतौर पर ऑफिस टाइम में कारपूलिंग से ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में बड़ी कमी आ सकती है. बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि कारपूलिंग एक नॉन-कमर्शियल, साझा सफर का विकल्प होगा.
एग्रीगेटर्स को सुझाव दिए गए कि वे अपने ऐप में कारपूलिंग का फीचर विकसित करें या अलग कारपूलिंग प्लेटफॉर्म पर काम शुरू करें. परिवहन विभाग को कारपूलिंग से जुड़े नियमों की जांच कर इसे बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुझाव जल्द देने को कहा गया.
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए मंत्री ने कहा कि निजी रजिस्ट्रेशन वाले इलेक्ट्रिक वाहन बिना कमर्शियल फीस, परमिट या अतिरिक्त लाइसेंस शर्तों के एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जोड़े जा सकें. परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि वह कानूनी, सुरक्षा और बीमा से जुड़े पहलुओं की जांच कर ऐसा ढांचा तैयार करे, जिससे निजी ईवी मालिक भी सुरक्षित तरीके से इसमें शामिल हो सकें.
शटल सेवाओं का विस्तार करने का आग्रह
मंत्री ने एग्रीगेटर्स से बस और शटल सेवाओं का विस्तार करने का भी आग्रह किया, खासकर ऑफिस रूट और ज्यादा मांग वाले इलाकों में. उन्होंने कहा कि जब ज्यादा लोग निजी गाड़ियों के बजाय साझा बस और शटल सेवाएं अपनाएंगे, तो प्रदूषण पर असर साफ दिखेगा और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी.
इसके अलावा, एग्रीगेटर्स को ग्रीन राइड विकल्पों को बढ़ावा देने और ऐप में ऐसे फीचर जोड़ने को कहा गया, जिससे लोग देख सकें कि साझा या इलेक्ट्रिक सफर से कितना प्रदूषण कम हुआ. साथ ही, ट्रैफिक ज्यादा रहने वाले रास्तों की पहचान के लिए रूट-वाइज डेटा साझा करने को भी कहा गया.
दिल्लीवासियों से मंत्री ने की ये अपील
उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के लोगों से अपील करता हूं कि वे सक्रिय रूप से राइड शेयरिंग और कार पूलिंग के ऑप्शन चुनें ताकि हम सब मिलकर शहर में प्रदूषण का लेवल कम कर सकें.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























