'उमर खालिद को रिहा करो...', JNU में लगे नारे, ABVP बोली- फांसी दो
Delhi News In Hindi: जेल में बंद उमर खालिद की किताब Fractured Communities पर JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के ऑडिटोरियम के बाहर लेफ्ट और एबीवीपी के छात्र सामने-सामने नजर आए.

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में सोमवार को उमर खालिद की किताब (Fractured Communities) के विमोचन कार्यक्रम में बवाल देखने को मिला. कार्यक्रम में लेफ्ट और एबीवीपी से जुड़े छात्र आमने सामने आ गए. जहां एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने लगाए उमर खालिद के खिलाफ नारेबाजी की वहीं लेफ्ट के छात्रों ने उमर खालिद की रिहाई को लेकर नारे लगाए.
एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने 'उमर खालिद को फांसी दो' के नारे लगाए. इन छात्रों ने उमर खालिद के पिता के आतंकवादी संगठन सिमी से रिश्तों को लेकर पोस्टर भी दिखाए. साथ ही कश्मीर, बांग्लादेश और संदेशखाली में हिंदुओं के ऊपर अत्याचार को लेकर लगाए नारेबाजी की.
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उमर खालिद की रिहाई को लेकर लगे नारे
वहीं लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने 'उमर खालिद को रिहा करो' के नारे लगाए. लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने उमर खालिद और शरजील इमाम के जेल से छूटने को लेकर नारेबाजी की.
डीन ने रद्द की कार्यक्रम की इजाजत
बता दें कि UAPA के आरोपों के तहत जेल में बंद उमर खालिद की किताब Fractured Communities पर JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के ऑडिटोरियम के बाहर लॉन में चर्चा का कार्यक्रम था. शुरू हो गया है. इस मुद्दे पर विवाद तब और तेज हो गया था जब स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के डीन की ओर से पहले इस कार्यक्रम की इजाजत दी गई थी, लेकिन बाद में डीन की ही तरफ से इस कार्यक्रम की इजाजत को रद्द कर दिया गया है. JNU प्रशासन की ओर से कहा गया गया कि आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर तथ्य छुपाये थे इसलिए इजाज़त को रद्द किया गया है.
बिना इजाजत कार्यक्रम करने का आरोप
जिसके बाद JNU के स्टूडेंट यूनियन ने बिना इजाजत के इस को कार्यक्रम तय समय के मुताबिक ही करने का फैसला किया है, हालांकि ये कार्यक्रम ऑडिटोरियम में नहीं बल्कि ऑडिटोरियम के सामने खुली जगह पर हुआ और एबीवीपी और लेफ्ट के छात्रों ने नारेबाजी की.
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