मनोहर लाल खट्टर का ट्रंप की तरफ इशारा, 'कुछ लोगों लगता है कि वह दादागिरी से...'
Manohar Lal Khattar News: मनोहर लाल खट्टर ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बिना कहा कि देश के दोस्त बदलते रहते हैं और कुछ लोग को लगता है कि दादागिरी से वो काम करवा लेंगे तो ऐसा नहीं होता है.

राजधानी दिल्ली के हंसराज कॉलेज में मंगलवार (9 सितंबर) को पूर्व आईपीएस ऑफिसर हरियाणा खेल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अशोक कुमार की किताब 'चैलेंज टू इंटरनल सिक्योरिटी ऑफ इंडिया' के सातवें संस्करण का विमोचन हुआ. कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर मुख्य अथिति के तौर पर शामिल हुए.
कार्यक्रम के दौरान मनोहर लाल खट्टर ने अपने भाषण में कश्मीर और दंतेवाड़ा में अनुभव साझा करने के अलावा विपक्षी पार्टियों पर वोट के लिए अवैध घुसपैठियों की मदद करने, उन्हें बसाने और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप लगाया.
डोनाल्ड ट्रंप पर बिना नाम लिए बोला हमला
इसके अलावा बिना अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि देश के दोस्त बदलते रहते हैं और कुछ लोग को लगता है कि दादागिरी से वो काम करवा लेंगे तो ऐसा नहीं होता है. ये दोस्ती नहीं है साथ ही जब दूसरा दोस्त मिल जाता है तो कहते हैं कि आओ फिर से दोस्ती कर लें. दोस्त बदल सकते हैं लेकिन भारत अपने लोगों के हितों से समझौता नहीं करेगा.
पूर्व आईपीएस ने अनुभव किए साझा
वहीं बुक लॉन्च के कार्यक्रम में किताब के सहलेखक और दिल्ली पुलिस के डीसीपी विपुल अनिकेत ने प्रमुख लेखक पूर्व आईपीएस अशोक कुमार के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया की कैसे किताब का पहला एडिशन उन्होंने उस समय लिखा था जब वो यूपीएससी के अभ्यर्थी थे.
किताब को लिखने के कारण पर विपुल ने बताया कि जब यूपीएससी में इंटरेनल सिक्योरिटी टॉपिक ऐड हुआ था, तब देश में कई कोचिंग संस्थाएं बच्चों को एक्सटर्नल स्टेट एक्टर्स के बारे में पढ़ाती थीं कि राज्यों में जो लोग हिंसा फैलाते हैं जबकि एक्सटर्नल स्टेट एक्टर्स का मतलब दूसरे देश से फैलाये जाने वाले आतंकवाद का होता है.
'40 फीसदी से ज्यादा बदलाव'
किताब के प्रमुख लेखक और पूर्व आईपीएस ऑफिसर अशोक कुमार ने अपनी किताब की लॉन्चिंग पर जानकारी देते हुए कहा कि कैसे देश में पिछले 10 सालों में आतंकवाद का प्रकार, फंडिंग और उससे लड़ने तरीके सब बदल चुके हैं, ऐसे में किताब के सातवें संस्करण में 40 फीसदी से ज्यादा बदलाव किया गया है.
दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के प्रमुख देवेश चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक 'चैलेंज टू इंटरनल सिक्योरिटी ऑफ इंडिया' किताब यूपीएससी के अभ्यर्थी जो पुलिस या फिर सुरक्षा एजेंसी में काम करेंगे उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देगी और तैयार करेगी.
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Source: IOCL























