दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की फीस पर जारी किया बड़ा आदेश, कार्रवाई की भी दी चेतावनी
Delhi School Fee: दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अगर कोई स्कूल आदेश नहीं मानेगा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में फीस को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है.शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि एकेडमिक ईयर के लिए सभी निजी स्कूलों में स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) बनाना अनिवार्य कर दिया गया है.
मंत्री आशीष सूद ने ये भी कहा कि अगर कोई स्कूल आदेशों का पालन नहीं करता है, जैसे SLFRC का समय पर गठन न करना, फीस प्रस्ताव समय पर जमा न करना या उस पर फैसला न करना, तो ऐसे मामलों में दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण और नियंत्रण) अधिनियम व नियम, 2025 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा. यह आदेश दिल्ली के सभी निजी स्कूलों पर लागू होगा.
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 1973 के कानून की स्कूल की फीस फिक्सेशन कानून बनाया. दिल्ली सरकार ने स्कूलों को फीस रेगुलेशन कानून के तरह कमेटी बनाने का निर्देश दिया.
10 जनवरी 2026 तक स्कूलों को बनानी होगी कमेटी.
11 सदस्यीय कमेटी में शामिल होंगे 5 अभिभावक.
25 जनवरी तक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को कमेटी के सामने रखना होगा.
हर निजी स्कूल को 15 दिन के भीतर (10 जनवरी 2026 तक) स्कूल लेवल फीस रेगुलेशन कमेटी (SLFRC) बनानी होगी. कमेटी बनने के बाद उसके सदस्यों के नाम नोटिस बोर्ड और स्कूल वेबसाइट पर लगाना अनिवार्य होगा. इस कमेटी में शिक्षा विभाग का सरकारी पर्यवेक्षक (Observer) रहेगा. जहां अभी पर्यवेक्षक नियुक्त नहीं है, वहां स्कूल को 3 कार्यदिवस में जिला उप शिक्षा निदेशक (DDE) को लिखित सूचना देनी होगी.
अभिभावक और शिक्षक प्रतिनिधि चयन
5 अभिभावक और 3 शिक्षक प्रतिनिधियों का चयन लकी ड्रॉ (पर्ची/ड्रा) से होगा.
ड्रॉ की तारीख, समय और स्थान 7 दिन पहले सार्वजनिक करना जरूरी होगा.
स्कूल प्रबंधन ड्रॉ प्रक्रिया में दखल नहीं देगा.
अगर वेटिंग लिस्ट में भी कोई सदस्य उपलब्ध नहीं है, तो उस वर्ग के लिए नया ड्रॉ कराया जाएगा. किसी अभिभावक द्वारा कमेटी में शामिल न होने की मांग स्वेच्छा से होनी चाहिए, इसकी जांच सरकारी पर्यवेक्षक करेगा.
स्कूल प्रबंधन को फीस प्रस्ताव देना होगा
सत्र 2025-26 के लिए स्कूल प्रबंधन को फीस ढांचा व पूरा प्रस्ताव
SLFRC को 15 दिन के भीतर, लेकिन 25 जनवरी 2026 तक जमा करना होगा.
SLFRC का समयबद्ध फैसला
पूरा प्रस्ताव मिलने के बाद 30 दिन में SLFRC फैसला करेगी. फैसला स्कूल प्रबंधन को बताया जाएगा और नोटिस बोर्ड व वेबसाइट पर डाला जाएगा.
अभिभावक प्रतिनिधि के लिए पात्रता
EWS/DG/CWSN वर्ग के वे अभिभावक जिनके बच्चों की फीस माफ है, उन्हें SLFRC में अभिभावक प्रतिनिधि नहीं चुना जाएगा. अगर गलती से ऐसे किसी अभिभावक का नाम निकलता है, तो चयन रद्द होगा और वेटिंग लिस्ट से दूसरा नाम लिया जाएगा. एक परिवार से एक ही प्रतिनिधि अगर एक ही छात्र या भाई-बहन के दो अभिभावकों के नाम निकल जाएं, तो पहले निकला नाम ही मान्य होगा. बाकी चयन रद्द कर वेटिंग लिस्ट से भरे जाएंगे.
चयन के बाद मना करने पर चुना गया अभिभावक या शिक्षक अगर कमेटी में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे 3 कार्यदिवस में लिखित सूचना देनी होगी. खाली जगह वेटिंग लिस्ट या नए ड्रॉ से तुरंत भरी जाएगी.
एकमुश्त समय-सारिणी (2025-26)
10 जनवरी 2026 तक SLFRC का गठन और अंतिम सूची जारी.
25 जनवरी 2026 तक स्कूल द्वारा फीस प्रस्ताव जमा.
प्रस्ताव मिलने के 30 दिन के भीतर SLFRC का निर्णय और सार्वजनिक जानकारी.
PTA में स्कूल के सभी अभिभावक और सभी शिक्षक शामिल माने जाएंगे.
SLFRC के लिए होने वाले ड्रा में हर अभिभावक और शिक्षक का नाम शामिल करना जरूरी होगा.
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Source: IOCL























