कड़कड़डूमा कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी को भेजा जेल, 10000 रुपये जुर्माना न भरने पर आदेश
Delhi News: दिल्ली कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानती वारंट न अदा करने वाले जांच अधिकारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा. स्पेशल जज ने कहा कि उनका यह रवैया बताता है कि उन्हें अदालत का कोई भय या सम्मान नहीं है.

दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में एक हैरान कर देने वाली घटना हुई, जब कोर्ट ने एक जांच अधिकारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. यह मामला आपराधिक मुकदमे की सुनवाई के दौरान सामने आया. कड़कड़डूमा कोर्ट ने जांच अधिकारी की लापरवाही और कोर्ट के आदेशों की अवमानना करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए यह कदम उठाया.
कड़कड़डूमा कोर्ट के स्पेशल जज POSCO रमेश कुमार के समक्ष एक आपराधिक ट्रायल की अहम सुनवाई चल रही थी. इस केस से जुड़े अधिकारी को मामले में कोर्ट में पेश होना था. कोर्ट ने पहले ही उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था. इसके बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हुए.
जांच अधिकारी की गैरहाजिरी पर कोर्ट का कड़ा रुख
कड़कड़डूमा कोर्ट में स्पेशल जज ने जांच अधिकारी की इस गैरहाजिरी से नाराज होकर गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया. कोर्ट में जब जांच अधिकारी अदालत में पहुंचे, तो उन्होंने सफाई दी कि वह उसी दिन साकेत कोर्ट गए थे, जहां उन्हें एक दूसरे मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करनी थी.
इस वजह से वे समय पर कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश नहीं हो सके. इसके बाद जांच अधिकारी ने स्पेशल जज रमेश कुमार से अनुरोध किया कि गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया जाए. कोर्ट ने जांच अधिकारी की दलील सुनने के बाद कहा कि जांच अधिकारी का आचरण कोर्ट की प्रक्रिया के प्रति सम्मान की कमी दर्शाता है.
एटीएम गए, पैसा नहीं दिया
स्पेशल जज रमेश कुमार ने साफ कहा कि जांच अधिकारी का यह रवैया बताता है कि उन्हें अदालत की प्रक्रिया का कोई भय या सम्मान नहीं है. इसके बाद कोर्ट ने NBW रद्द करने पर सहमति तो दी, लेकिन शर्त रखी कि जांच अधिकारी को दस हजार रुपये बतौर जुर्माना अदालत में जमा करना होगा.
कोर्ट के इस आदेश के बाद जांच अधिकारी ने तुरंत जुर्माने की राशि भरने पर सहमति जताई और कहा कि वह एटीएम से पैसा निकालकर लाते हैं. कोर्ट ने उन्हें ऐसा करने की इजाजत दे दी. लेकिन जब दोबारा केस की सुनवाई शुरू हुई, तो जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि वह जुर्माने की राशि भरने के लिए तैयार नहीं हैं.
कोर्ट का कीमती समय बर्बाद किया
जांच अधिकारी की इस हरकत पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि चूंकि अदालत से समय लेने के बावजूद जांच अधिकारी ने जमानती वारंट की राशि अदा नहीं की और अदालत का कीमती समय बर्बाद किया है, ऐसे में उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में भेजा जाए.
इसके बाद अदालत ने आदेश जारी कर दिया और जांच अधिकारी को वहीं से जेल भेज दिया गया.
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