'1 साल से खाली पद, कब होगी नियुक्ति', अल्पसंख्यक आयोग की नियुक्तियों पर दिल्ली HC की केंद्र को फटकार
Delhi News In Hindi: दिल्ली हाई कोर्ट ने अल्पसंख्यक आयोग में लंबे समय से खाली पदों पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई. कोर्ट ने नियुक्तियों की स्पष्ट समय-सीमा बताने का निर्देश दिया.

- मंत्रालय को दो हफ्ते में देनी होगी स्पष्ट जानकारी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से नाराज़गी जताई. कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार अब तक यह साफ नहीं कर पाई है कि नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी में खाली पड़े चेयरपर्सन और सदस्यों के पद कब तक भरे जाएंगे.
चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि अदालत पहले ही सरकार से हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कह चुकी थी कि नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी करने की ठोस समय सीमा क्या होगी. लेकिन सरकार के हलफनामे में इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जताई नाराजगी
दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सरकार के हलफनामे में सिर्फ यह लिखा गया है कि मंत्रालय ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है और अलग-अलग स्रोतों से आए बायोडाटा व नामांकन की जांच की जा रही है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हलफनामे में ऐसा कुछ नहीं बताया गया जिससे यह पता चले कि चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति कब तक पूरी होगी. अदालत ने कहा कि इस तरह की जानकारी के बिना हलफनामा अधूरा है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंत्रालय के अधिकारी से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने मिनिस्ट्री ऑफ माइनॉरिटी अफेयर्स के डिप्टी सेक्रेटरी को निर्देश दिया है कि वह दो हफ्ते के भीतर यह स्पष्ट करें कि हलफनामे में टाइमलाइन क्यों नहीं दी गई. मंत्रालय की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया था कि नियुक्ति के लिए प्रस्तावों की जांच की जा रही है और मामला सक्षम प्राधिकरण के पास विचाराधीन है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा अप्रैल से खाली हैं सभी पद
दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील को यह भी याद दिलाया कि आयोग एक वैधानिक संस्था है. लेकिन इसके चेयरपर्सन और सभी सदस्य पिछले साल अप्रैल से ही खाली हैं, जिसके कारण आयोग ठीक से काम नहीं कर पा रहा है. इससे पहले 30 जनवरी को भी अदालत ने इन खाली पदों को लेकर चिंता जताई थी और केंद्र से पूछा था कि उन्हें भरने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं.
पहले भी मांगा था बेहतर हलफनामा
दिल्ली हाई कोर्ट ने 6 फरवरी की सुनवाई में केंद्र सरकार से कहा था कि वह एक "बेहतर हलफनामा" दाखिल करे, जिसमें नियुक्ति प्रक्रिया और उसे पूरा करने की समय-सीमा का स्पष्ट विवरण दिया जाए. यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता मुजाहिद नफीस की याचिका पर चल रहा है.
याचिका में कहा गया है कि आयोग में लंबे समय से पद खाली होने की वजह से अल्पसंख्यकों से जुड़े कई मुद्दों पर काम प्रभावित हो रहा है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को तय की है. तब तक केंद्र सरकार को आयोग में नियुक्तियों की प्रक्रिया और समय-सीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी देनी होगी.
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Source: IOCL

























