दिल्ली: ट्रैफिक सिग्नल पर फूल बेच रही 10 साल की मासूम को ई-रिक्शा चालक ने उठाया, जंगल में किया रेप!
Delhi News: पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने 15 मार्गों के लगभाग 300 सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद आरोपी दुर्गेश को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.

नई दिल्ली में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है. दिल्ली के प्रसाद नगर इलाके में 10 साल की एक बच्ची का अपहरण कर उसके साथ रेप किया गया. पुलिस ने इस मामले में 25 वर्षीय ई-रिक्शा चालक दुर्गेश को गिरफ्तार किया है. आरोपी उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का रहने वाला है.
पुलिस के अनुसार यह वारदात 10 जनवरी की है. बच्ची ट्राफिक सिग्नल पर गुलाब बेच रही थी. इसी दौरान आरोपी ने यात्रियों को उतारने के बाद अपना ई-रिक्शा रोका. जब बच्ची फूल बेचने उसके पास पहुंची, तो आरोपी ने उसे सारे गुलाब बिकवा देने का झांसा दिया और ई-रिक्शा में बैठा लिया. इसके बाद वह बच्ची को एक सुनसान जंगल इलाके में ले गया, जहां उसके साथ रेप किया गया.
रेप के बाद फरार हो गया आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने बच्ची को मृत समझकर बेहोशी की हालत में खून से लथपथ छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया. कुछ समय बाद होश में आने पर बच्ची किसी तरह अपने परिवार तक पहुंची. उसकी हालत देखकर परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
300 सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच में पुलिस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि बच्ची गहरे सदमे में थी. पुलिस ने बच्ची को आखिरी बार देखे गए इलाके और जंगल की ओर जाने वाले रास्तों के करीब 15 मार्गों पर लगे लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई. एक वीडियो क्लिप में लड़की को ई-रिक्शा में बैठते हुए देखा गया. वाहन के पंजीकरण नंबर का पता लगाया गया, जिससे आरोपी की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
चप्पल से हुआ खुलासा
डीसीपी ने बताया कि 11 जनवरी 2026 को अस्पताल से सूचना मिली कि एक 10 साल की बच्ची के साथ गलत काम हुआ है. बच्ची ने बताया कि 10 जनवरी की दोपहर बीएल कपूर अस्पताल के पास एक अज्ञात ई-रिक्शा ड्राइवर ने उसे चाय पिलाने का लालच दिया. आरोपी बच्ची को एक सुनसान जंगली इलाके में ले गया, जहां एक नीले रंग के कमरे में उसने मासूम के साथ हैवानियत की. बच्ची ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी का हुलिया और सफेद छत वाले लाल रंग के ई-रिक्शा की पहचान पुलिस को बताई.
केस दर्ज होने के बाद प्रसाद नगर थाना प्रभारी के साथ पुलिस की टीम ने करीब 20 वर्ग किलोमीटर का इलाका छान मारा और 22 अलग-अलग जगहों की तलाशी ली. रामनाथ विजय मार्ग के पास पुलिस को बच्ची की चप्पल मिली, जिससे घटनास्थल की पहचान हुई. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए पुलिस संदिग्ध ई-रिक्शा तक पहुंच गई.
गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई में जुटी पुलिस
आरोपी दुर्गेश ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसने लड़की को पहले भी कई बार लाल बत्ती पर देखा था और अपहरण की योजना बनाई थी. पुलिस ने बताया कि उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने खून से सने कपड़े और अन्य सबूत बरामद किए. पुलिस का कहना है कि बच्ची का इलाज और परामर्श जारी है और इस मामले की जांच की जा रही है.
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Source: IOCL

























