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Delhi News: सड़क खुदाई के लिए 'कॉल बिफोर यू डिग' ऐप अनिवार्य, हादसों पर लगेगी लगाम

Delhi News: दिल्ली में सड़क हादसों को कम करने के लिए प्रशासन ने एक नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है. अब सड़क पर होने वाली हर खुदाई और गड्ढों की जानकारी 'कॉल बिफोर यू डिग' मोबाइल ऐप पर दर्ज करनी होगी.

दिल्ली में सड़क हादसों को कम करने और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है. अब सड़क पर होने वाली खुदाई और गड्ढों से जुड़ी हर जानकारी एक केंद्रीकृत मोबाइल ऐप पर दर्ज करनी होगी, ताकि सभी संबंधित विभागों को समय रहते सूचना मिल सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

दिल्ली-एनसीआर में हाल के महीनों में कई ऐसे हादसे सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़क के गड्ढों में गिरकर घायल हुए या जान गंवा बैठे. इन घटनाओं ने प्रशासन को सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए मजबूर कर दिया. इसी कड़ी में अब निर्माण और खुदाई से जुड़ी गतिविधियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का निर्णय लिया गया है.

‘कॉल बिफोर यू डिग’ ऐप पर दर्ज होगी पूरी जानकारी

इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली सरकारी और निजी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे सड़क कटिंग या खुदाई से पहले उसकी जानकारी केंद्र सरकार के ‘कॉल बिफोर यू डिग’ (CBUD) ऐप पर अपलोड करें. यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से इसी उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि एक ही जगह पर सभी जरूरी सूचनाएं उपलब्ध रहें और संबंधित विभाग समय पर सुरक्षा उपाय कर सकें.

एक ऐप से कई विभागों को मिलेगी सूचना

इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद लोक निर्माण विभाग, जल बोर्ड, नगर निगम और अन्य एजेंसियां किसी भी स्थान पर होने वाली खुदाई या गड्ढे की जानकारी तुरंत देख सकेंगी. इससे सड़क पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सुरक्षा इंतजाम समय रहते किए जा सकेंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी.

बिना अनुमति खुदाई करने वालों पर भी रहेगी नजर

अधिकारियों का कहना है कि कई बार कुछ एजेंसियां अनुमति लिए बिना ही सड़क पर खुदाई शुरू कर देती हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो जाता है. अब ऐप पर जानकारी दर्ज होने से ऐसी गतिविधियों की पहचान करना आसान होगा और अनुमति देने वाली एजेंसियों को तुरंत सूचना मिल सकेगी.

टेंडर प्रक्रिया में भी जोड़ी जाएगी नई शर्त

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े टेंडर और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) दस्तावेजों में भी इस प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया जाए. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी एजेंसी यह बहाना न बना सके कि उसे खुदाई की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देने की जानकारी नहीं थी.

नियम तोड़ने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई एजेंसी या उससे जुड़े अधिकारी सड़क खुदाई या गड्ढों की जानकारी ऐप पर दर्ज नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. सरकार का मानना है कि इस डिजिटल सिस्टम से सड़क सुरक्षा के मानकों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी.

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