दिल्ली को 'कूड़े से आजादी' अभियान आज से, 2 अक्टूबर तक चलेगी ड्राइव
Delhi News In Hindi: दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने के लिए बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की जा रही है, जो 17 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी के रूप में चलाएगा.

राजधानी दिल्ली में करीब डेढ़ महीने तक चलने वाले विशेष अभियान के जरिए कूड़े के ढेर, गंदे फुटपाथ, अवैध पोस्टर और जर्जर सार्वजनिक परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड और विभिन्न विभागों को रोजाना और साप्ताहिक गतिविधियों का अलग-अलग खाका सौंपा है.
आज से शुरू सफाई का विशेष अभियान, मिलेगा एक्शन प्लान
दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने के लिए सोमवार से राजधानी में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान की शुरुआत होने जा रही है. दिल्ली सरकार का शहरी विकास विभाग 17 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी - स्वच्छता अभियान 2026’ चलाएगा. अभियान का औपचारिक शुभारंभ सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में किया जाएगा. कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री और महापौर प्रवेश वाही भी शामिल होंगे.
अभियान को केवल नगर निगम तक सीमित रखने के बजाय दिल्ली के अलग-अलग प्रशासनिक निकायों और सरकारी विभागों को भी इसमें शामिल किया गया है. शहरी विकास विभाग के विशेष सचिव एके सिंह की ओर से एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली छावनी बोर्ड समेत सभी संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं. इसमें रोजाना होने वाले कामों के साथ सप्ताह के अलग-अलग दिनों के लिए विशेष गतिविधियां तय की गई हैं. अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी उप सचिव विनय कुमार त्रिपाठी को नोडल अधिकारी के तौर पर दी गई है.
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हर दिन कूड़े के हॉटस्पॉट पर होगी कार्रवाई
अभियान के दौरान कूड़ा जमा होने वाले संवेदनशील स्थानों की नियमित सफाई के साथ सड़कों और फुटपाथों की डीप क्लीनिंग की जाएगी. कई इलाकों में रात के समय भी सफाई अभियान चलाया जाएगा. सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होगी, ताकि सफाई के साथ सार्वजनिक स्थानों की स्थिति में भी सुधार किया जा सके.
सरकार ने अभियान के तहत सप्ताह के दिनों को अलग-अलग सफाई गतिविधियों से जोड़ा है. सोमवार को सार्वजनिक स्थानों से पोस्टर और अवैध पर्चे हटाए जाएंगे. मंगलवार को सामुदायिक भवनों की सफाई होगी. बुधवार को रेलवे ट्रैक और रिंग रोड के आसपास विशेष सफाई की जाएगी. गुरुवार को ज्यादा कूड़ा पैदा करने वाले स्थानों का निरीक्षण होगा. शुक्रवार को वार्ड स्तर पर अभियान की समीक्षा की जाएगी, जबकि शनिवार को झुग्गी-बस्तियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा.
आरडब्ल्यूए और बाजार संगठनों को भी जोड़ा जाएगा
सफाई अभियान का दायरा केवल सड़कों और सार्वजनिक स्थानों तक नहीं रहेगा. सफाई से जुड़े कार्यालयों के रिकॉर्ड रूम, स्टोर और अन्य परिसरों की भी सफाई की जाएगी. लंबे समय से रखी पुरानी फाइलों से धूल हटाने के साथ अनुपयोगी सामान को भी हटाया जाएगा. खराब वाहन, टूटी कुर्सियां, मेज और दूसरे बेकार सामान के निस्तारण की भी व्यवस्था की जाएगी.
स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए आरडब्ल्यूए और बाजार संगठनों को अभियान से जोड़ा जाएगा. इनके सहयोग से सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाने और जमा कूड़ा हटाने पर जोर रहेगा. इसके साथ ही पौधरोपण को बढ़ावा देने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की योजना है. विभिन्न स्थानों पर लोगों को स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प भी दिलाया जाएगा.
स्कूलों और बाजारों के बीच होगी स्वच्छता प्रतियोगिता
सरकार ने अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए स्कूलों, आरडब्ल्यूए और बाजार संघों के बीच स्वच्छता प्रतियोगिताएं कराने की भी योजना बनाई है. इसका उद्देश्य केवल सफाई कर्मचारियों के भरोसे रहने के बजाय स्थानीय स्तर पर लोगों को भी जिम्मेदारी से जोड़ना है.
दिल्ली में बड़े स्वच्छता अभियान पहले भी चल चुके हैं. ‘स्वच्छता ही सेवा’ और विशेष सफाई अभियानों के अलावा बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान भी राजधानी के प्रमुख इलाकों को साफ-सुथरा बनाने पर जोर दिया गया है. हालांकि, ऐसे अभियानों के बाद कई इलाकों में नियमित सफाई व्यवस्था को लेकर वही पुरानी शिकायतें सामने आती रही हैं.
कचरे के स्थायी समाधान के बिना चुनौती बरकरार
राजधानी के प्रमुख मार्गों और वीआईपी इलाकों में सफाई पर विशेष ध्यान दिखाई देता है, लेकिन अनधिकृत कॉलोनियों, अंदरूनी गलियों, बैकलेन और झुग्गी-बस्तियों में नियमित कचरा उठाव अब भी बड़ी चुनौती है. इसलिए डेढ़ महीने के अभियान की सफलता इस बात से तय होगी कि इसका असर अभियान की अवधि खत्म होने के बाद भी कितने समय तक दिखाई देता है.
कूड़े का स्रोत पर ही पृथक्करण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक और नियमित कचरा उठाव जैसी व्यवस्थाओं को जमीन पर मजबूत किए बिना केवल विशेष सफाई अभियान से स्थायी बदलाव मुश्किल है. भलस्वा, गाजीपुर और ओखला के लैंडफिल साइटों पर जमा कचरे का स्थायी समाधान भी दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है.
डेढ़ महीने की सफाई को स्थायी व्यवस्था में बदलना चुनौती
सरकार का अभियान राजधानी के गंदे और कूड़ा प्रभावित इलाकों को साफ करने की दिशा में बड़ा प्रयास है, लेकिन इसका वास्तविक असर नियमित व्यवस्था मजबूत होने पर ही दिखाई देगा. कचरा उठाने की व्यवस्था, कचरा निस्तारण संयंत्रों की क्षमता और डंपिंग साइटों के वैज्ञानिक समाधान पर लगातार काम नहीं हुआ तो अभियान खत्म होने के बाद कई इलाकों में हालात फिर पुराने स्तर पर पहुंच सकते हैं. ऐसे में 17 अगस्त से शुरू हो रहा यह अभियान दिल्ली की सफाई व्यवस्था के लिए केवल एक विशेष ड्राइव नहीं, बल्कि स्थायी बदलाव की दिशा में कितना प्रभावी कदम बनता है, यह देखने वाली बात होगी.























