नई दिल्ली में बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन होगा और मजबूत, नए आधुनिक प्लांट लगाने की तैयारी
Delhi News: नई दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार और मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन मजबूत होगा. नए आधुनिक प्लांट लगाए जाएंगे और सुरक्षित निपटान व्यवस्था विकसित होगी.

दिल्ली में अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे के बेहतर और सुरक्षित निपटान के लिए दिल्ली सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी के पर्यावरण ढांचे को मजबूत किया जा रहा है. इसी दिशा में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन को लेकर एक अहम बैठक की.
पर्यावरण मंत्री ने नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (NPC), पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. इस बैठक में दिल्ली में पैदा हो रहे बायोमेडिकल कचरे की मौजूदा स्थिति, भविष्य की जरूरतों और नए प्लांट लगाने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई.
दिल्ली के इन इलाकों से निकाला जा रहा 40 टन बायोमेडिकल कचरा
अधिकारियों ने बताया कि इस समय दिल्ली के पूर्व, उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और मध्य इलाकों से रोजाना करीब 40 टन बायोमेडिकल कचरा निकल रहा है. आने वाले वर्षों में खासकर 2031 तक, इसके और बढ़ने की संभावना है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नए कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी (CBWTF) लगाने की योजना बना रही है. प्रस्तावित नए प्लांट लगभग 46 टन प्रतिदिन कचरा संभालने में सक्षम होंगे.
0.5 एकड़ जमीन पर लगाए जाएंगे नए प्लांट
बैठक में यह भी बताया गया कि पहले दिल्ली में केवल दो बड़े प्लांट थे, जो पूरे शहर का कचरा संभालते थे. अब नए प्लांट इस तरह लगाए जाएंगे कि हर तीन जिलों के लिए अलग व्यवस्था हो, जिससे कचरा उठाने और निपटान में आसानी होगी और निगरानी भी बेहतर होगी. ये प्लांट कम से कम 0.5 एकड़ जमीन पर लगाए जाएंगे और इनमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा.
प्रदूषण से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है सरकार- मनजिंदर सिंह सिरसा
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने साफ कहा कि बायोमेडिकल कचरे का सही निपटान न सिर्फ पर्यावरण बल्कि आम लोगों की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है. अगर इस तरह का कचरा खुले में या गलत तरीके से फेंका जाए, तो यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.
नए प्लांटों के लिए जल्द जारी किए जाएंगे टेंडर- सिरसा
नए प्रस्तावित प्लांटों में ऑटोक्लेविंग, श्रेडिंग और सुरक्षित लैंडफिल जैसी आधुनिक प्रक्रियाओं के जरिए कचरे को नष्ट किया जाएगा. इससे संक्रमण का खतरा कम होगा और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा. मंत्री सिरसा ने यह भी कहा कि जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे और केवल वही कंपनियां चुनी जाएंगी जो उच्च तकनीक और सभी पर्यावरण नियमों का पालन करती हों.
सरकार की योजना के तहत कचरा प्रबंधन की रोजाना निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड भी बनाए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे. कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह कदम राजधानी को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.
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