Delhi Election 2025: 'जैसे वे खुद रावण के...', BJP के आरोपों पर AAP नेता मनीष सिसोदिया का पलटवार
Delhi Assembly Election 2025: मनीष सिसोदिया ने कहा कि कल अरविंद केजरीवाल ने एक जनसभा में रावण से जुड़ी एक टिप्पणी की और पूरी बीजेपी तुरंत रावण के बचाव में कूद पड़ी, जैसे वे खुद रावण के वंशज हों.

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली चुनाव में अब रामायण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के द्वारा रामायण के एक प्रसंग पर की गई बयानबाजी पर बीजेपी आक्रामक हो गई है. बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल के बयान को सनातन का अपमान बताया है. जिसपर अब आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इनकी राजनीति इतनी नीचे गिर चुकी है कि अब यह रावण जैसे प्रतीक का सहारा ले रहे हैं.
मनीष सिसोदिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, "कल अरविंद केजरीवाल ने एक जनसभा में रावण से जुड़ी एक टिप्पणी की और पूरी बीजेपी तुरंत रावण के बचाव में कूद पड़ी, जैसे वे खुद रावण के वंशज हों. इनकी राजनीति इतनी नीचे गिर चुकी है कि अब यह रावण जैसे प्रतीक का सहारा लेकर अपनी झूठी बयानबाजी को सही ठहराने में जुट गए हैं."
कल केजरीवाल जी ने एक जनसभा में रावण से जुड़ी एक टिप्पणी की, और पूरी बीजेपी तुरंत रावण के बचाव में कूद पड़ी, जैसे वे खुद रावण के वंशज हों।
— Manish Sisodia (@msisodia) January 21, 2025
इनकी राजनीति इतनी नीचे गिर चुकी है कि अब यह रावण जैसे प्रतीक का सहारा लेकर अपनी झूठी बयानबाजी को सही ठहराने में जुट गए हैं। मैं दिल्ली की…
इनके झूठे नाटकों से सावधान रहें- मनीष सिसोदिया
उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली की जनता से कहना चाहता हूं कि इनकी असली मंशा को पहचानें. ये चुनाव के बाद गरीबों, मजदूरों और झुग्गीवासियों के लिए रावण से भी बड़ा खतरा साबित होंगे. इनसे सतर्क रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि इनका असली एजेंडा सिर्फ सत्ता हासिल करना है. ये झुग्गियां तुड़वाने और जनता की जमीनें कब्जाने की साजिश रच रहे हैं. इनके झूठे नाटकों से सावधान रहें और सही फैसला करें."
अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?
दिल्ली के पूर्व सीएम ने एक चुनावी सभा में कहा, "एक दिन माता सीता को अपनी झोपड़ी में छोड़कर रामचंद्र खाने का इंतजाम करने जंगल में गए. उन्होंने लक्ष्मण को कहा कि तुम सीता मईया की रक्षा करोगे. इतने में रावण सोने का हिरन बनकर आया. सीता मईया ने लक्ष्मण को कहा कि मुझे यह हिरण चाहिए. लक्ष्मण ने श्रीराम की बात का हवाला देकर जाने से मना किया."
उन्होंने कहा, "भगवान राम कह कर गए हैं कि मुझे आपकी रक्षा करनी है. माता सीता ने कहा नहीं मैं तुम्हें आदेश देती हूं कि तुम जाओ और हिरण को पकड़ कर लाओ. लक्ष्मण के पास कोई और चारा नहीं था, तो लक्ष्मण चले गए और रावण अपना भेष बदल कर सीता मईया का हरण कर चला गया."
Source: IOCL






















