Delhi News: भूख हड़ताल के 11वें दिन बिगड़ी AISA नेता की तबीयत, गंभीर हालत में RML अस्पताल में भर्ती
Delhi AISA Protest: भूख हड़ताल के 11वें दिन AISA से जुड़े छात्र नेता और जेएनयू के बराक हॉस्टल के पहले अध्यक्ष रहे कॉमरेड हृषिकेश की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई.

जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर जारी भूख हड़ताल के 11वें दिन AISA से जुड़े छात्र नेता और जेएनयू के बराक हॉस्टल के पहले अध्यक्ष रहे कॉमरेड हृषिकेश की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई. स्वास्थ्य खराब होने के बाद बुधवार शाम करीब 7 बजे उन्हें तत्काल राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया. संगठन का दावा है कि लगातार 11 दिनों से भूख हड़ताल पर रहने के कारण उनके शरीर में गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के संकेत दिखाई देने लगे हैं.
24 घंटे से हाथ-पैर नहीं हिला पा रहे थे, सीने में भी हुआ तेज दर्द
AISA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे से कॉमरेड हृषिकेश अपने हाथ-पैर ठीक तरह से नहीं हिला पा रहे थे. इसके साथ ही उन्हें सीने में तेज दर्द की भी शिकायत हुई. स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल RML अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती किया गया है. संगठन का कहना है कि चिकित्सकीय आवश्यकता को देखते हुए उन्हें इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड दिया जाएगा, जिससे उनकी 11 दिन से जारी भूख हड़ताल समाप्त होगी.
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चार अन्य छात्र नेता भी अब भी भूख हड़ताल पर डटे
हृषिकेश के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है. AISA के अनुसार, संगठन की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के उपाध्यक्ष दीपक, अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष आमीन और सोनम वांगचुक सहित अन्य प्रदर्शनकारी अब भी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं.
केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
AISA ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. संगठन का आरोप है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की, जिससे आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है. AISA ने सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया.
भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान
संगठन ने स्पष्ट किया है कि कॉमरेड हृषिकेश की तबीयत बिगड़ने के बावजूद भूख हड़ताल समाप्त नहीं किया जाएगा. AISA का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा और जब तक सरकार की तरफ से उनकी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं की जाती, तब तक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.























