दिल्ली: प्रदूषण को लेकर सरकार सख्त, जानिए कब तक लागू रहेंगे GRAP के नियम?
Delhi Air Pollution: दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती बरकरार है. सरकार की ओर से ग्रैप के नियम जमीन पर पहले जैसे ही लागू रहेंगे. सरकार ने अधिकारियो को निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए हैं

दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर भले ही हालिया दिनों में कुछ राहत नजर आई हो, लेकिन सरकार और प्रशासन किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं हैं. ग्रैप के तहत लागू प्रतिबंधों को लेकर साफ कर दिया गया है कि हालात पूरी तरह सामान्य होने तक जमीन पर एक्शन पहले जैसा ही जारी रहेगा.
बीते तीन महीनों के दौरान किए गए चालान और जब्ती की संख्या प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है.दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि वायु गुणवत्ता में थोड़े सुधार के बावजूद ग्रैप के प्रावधानों को कमजोर नहीं किया जाएगा.
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से फील्ड में रहकर निगरानी करें। खासतौर पर निर्माण गतिविधियों, औद्योगिक इकाइयों और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर पैनी नजर रखी जा रही है.
तीन महीनों में 12 लाख से अधिक वाहनों के चालान
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन महीनों में प्रदूषण फैलाने वाले 12 लाख से अधिक वाहनों का चालान किया गया है. इनमें बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र, तय मानकों से अधिक धुआं छोड़ने वाले और प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले वाहन शामिल हैं. परिवहन और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त कार्रवाई में यह आंकड़ा सामने आया है.
ओवरएज वाहनों पर कड़ा शिकंजा
अभियान के दौरान 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों पर विशेष फोकस किया गया. नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर न सिर्फ चालान किया गया, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही वाहन जब्त कर लिए गए. प्रशासन का मानना है कि ओवरएज वाहन प्रदूषण का बड़ा स्रोत बने हुए हैं.
7 हजार से ज्यादा गाड़ियां जब्त
तीन महीने की अवधि में 7 हजार से अधिक वाहनों को जब्त किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि नियम तोड़ने वालों में डर पैदा हो और लोग सिर्फ जुर्माना भरकर दोबारा उल्लंघन न करें. जब्त किए गए वाहनों में निजी कारों से लेकर व्यावसायिक वाहन भी शामिल हैं.
निर्माण और तोड़फोड़ साइट्स पर भी कार्रवाई
सिर्फ वाहनों तक सीमित न रहते हुए प्रशासन ने निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर भी सख्ती दिखाई. कई सीएंडडी साइट्स को नियमों के उल्लंघन पर बंद किया गया धूल नियंत्रण के इंतजाम न होने और तय दिशानिर्देशों का पालन न करने पर संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की गई.
औद्योगिक इकाइयों और डीजी सेट पर नजर
प्रदूषण नियंत्रण टीमों ने औद्योगिक क्षेत्रों में निरीक्षण तेज कर दिया है. बिना अनुमति चल रहे या मानकों का पालन न करने वाले डीजी सेट्स पर कार्रवाई की गई. कुछ इकाइयों को चेतावनी दी गई, जबकि गंभीर मामलों में संचालन रोकने के निर्देश भी दिए गए.
हालात बिगड़े तो पाबंदियां और बढ़ेंगी
सरकारी अधिकारियों ने साफ कहा है कि यदि वायु गुणवत्ता फिर से गंभीर या अति गंभीर श्रेणी में पहुंचती है, तो अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जाएंगे. निर्माण कार्यों पर रोक, भारी वाहनों की एंट्री और अन्य कड़े फैसले भी लिए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है.
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Source: IOCL






















