Delhi AIIMS : दिल्ली एम्स में बंद हो सकती है पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की एंट्री, इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ेगी
Delhi: दिल्ली एम्स में इलाज के लिए दूरदराज से मरीज आते हैं. इस दौरान एम्स परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जल्द ही परिसर में पेट्रोल-डीजल के गाड़ियों की एंट्री बैन हो सकती है.

Delhi News: दिल्ली (Delhi) एम्स (AIIMS) की गिनती भारत में नहीं बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में होती है. यहां पर राजधानी के साथ-साथ दूरदराज से भी मरीज अपने इलाज के लिए आते हैं. दिल्ली एम्स द्वारा मरीजों के इलाज को आसानी से उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ संबंधित देखभाल के लिए समय-समय पर कई दिशा निर्देश दिए जाते रहे हैं. वहीं अब बहुत जल्द दिल्ली एम्स की तरफ से परिसर में पेट्रोल डीजल की गाड़ियों के आवगमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
इस दिशा में बहुत तेजी से कार्य किए भी जा रहे हैं. हाल ही में मनाए गए विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली एम्स में भी कार्यक्रम हुआ. इस कार्यक्रम के दौरान एम्स प्रशासन की तरफ से स्पष्ट संकेत मिले कि आने वाले कुछ ही समय में एम्स परिसर में डीजल-पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा. इसके विकल्प के रूप में इलेक्ट्रॉनिक वाहनों की संख्या को बढ़ाया जाएगा. ये वाहन मरीजों को अस्पताल परिसर तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध रहेंगे.
पेट्रोल-डीजल गाड़ियों पर लग सकता है प्रतिबंध
दिल्ली एम्स में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित हुए कार्यक्रम में विस्तार से इस पर चर्चा हुई. इसमें चिकित्सकों ने कहा कि दूरदराज से दिल्ली एम्स में गंभीर मरीज भी आते हैं. इस दौरान आवश्यक है कि उन्हें प्रदूषण मुक्त वातावरण मिले, जो उनके रोगों के रोकथाम और इलाज में काफी मददगार हो सके. इसलिए आवश्यक है कि एम्स परिसर को पूरी तरह से पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से मुक्त किया जाए. साथ ही बेहतर विकल्प के रूप में यहां पर इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए.
अभी तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं
इस मामले पर अभी तक दिल्ली एम्स की तरफ से आधिकारिक आदेश नहीं आए हैं, लेकिन संभवत बहुत जल्द इस दिशा में दिल्ली एम्स द्वारा निर्णय लिया जा सकता है. दिल्ली एम्स द्वारा एम्स परिसर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, जिसमें परिसर में पूरी तरह से धूम्रपान को प्रतिबंधित करना.
साथ ही परिसर को साफ सुथरा रखने के लिए ठोस अपील और निर्धारित जगहों पर प्लास्टिक प्रतिबंध के साथ-साथ अन्य फैसले भी शामिल हैं. अब देखना होगा कि दिल्ली एम्स की तरफ से डीजल पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों को प्रतिबंधित करने वाला आदेश कब तक आधिकारिक रूप से सामने आता है.
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