Noida: कॉलेज में फेयरवेल फंक्शन पर साड़ी में छात्राओं के डांस ने लगाई ऐसी आग, भड़क उठा सोशल मीडिया!
Amity University Dance Video: नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी में हुए फेयरवेल कार्यक्रम में छात्राओं ने साड़ी पहनकर डांस किया, जिसका वीडियो हुआ वायरल. इसे किसी ने बताया शालीन बताया तो किसी ने आपत्तिजनक.

Amity University Dance Viral Video: 3 अप्रैल को नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी (Amity University) में फेयरवेल फंक्शन का आयोजन हुआ, जहां लास्ट ईयर के छात्रों को विदाई दी गई. इस मौके पर रंगारंग कार्यक्रमों की भरमार रही. छात्र-छात्राओं ने गानों पर डांस परफॉर्मेंस दी, लेकिन एक खास वीडियो ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया.
इस वीडियो में कुछ छात्राएं साड़ी पहनकर स्टेज पर तेलुगु फिल्म ‘देवरा’ के गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं. जूनियर एनटीआर और जाह्नवी कपूर पर फिल्माए गए इस गाने पर छात्राओं का डांस इतना आकर्षक था कि दर्शकों की नजरें थम गईं. न्यूज़ 18 के मुताबिक पीली साड़ी में सबसे आगे डांस कर रही छात्रा ने खास तौर पर सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा और फिर क्या था- छिड़ गई बहस.
ट्विटर पर वीडियो वायरल, हो गई दो धड़ों में बहस
इस वीडियो को ट्विटर अकाउंट @indian_armada पर पोस्ट किया गया. पोस्ट होते ही ये तेजी से वायरल हो गया और यूजर्स की प्रतिक्रियाएं दो धड़ों में बंट गईं. कुछ लोगों ने कहा कि यह डांस पूरी तरह शालीन और मर्यादित था. उन्होंने साड़ी को एक सांस्कृतिक परिधान के रूप में पहना और आत्मविश्वास के साथ परफॉर्म किया. दर्शकों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को अपनी कला और आत्म-प्रस्तुति का मौका मिलना चाहिए.
Amity University Farewell Function 🔥 pic.twitter.com/tuRkl8QJyV
— Notaflix Parody (@iamtrending05) April 18, 2025
वहीं दूसरी ओर कुछ यूजर्स ने इसे 'कॉलेज के नाम पर शो ऑफ' बताया और परफॉर्मेंस को अनुशासनहीन करार दिया. कुछ लोगों को छात्राओं का पहनावा और डांस स्टाइल आपत्तिजनक लगा, और उन्होंने इसकी आलोचना की.
क्यों होता है कॉलेज में फेयरवेल?
फेयरवेल फंक्शन कॉलेज जीवन का एक अहम हिस्सा होता है, जहां छात्र अपने बीते हुए समय के बारे में क्या सीखा क्या समझा ऐसी बातों को सबके सामने शेयर करते हैं और यादगार पलों को जीते हैं. यहां कला, संस्कृति और अभिव्यक्ति का खुला मंच होता है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है-क्या छात्राओं ने कुछ गलत किया या सिर्फ अपनी आजादी से अभिव्यक्ति की? क्या अब भी समाज लड़कियों की परफॉर्मेंस को कपड़ों और मूव्स के पैमाने से ही तौलता है?
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Source: IOCL























