दिल्ली में CM का नाम तय ना हो पाने पर अवध ओझा बोले, '...तो मैं बीजेपी को सेवा देने के लिए तैयार हूं'
Delhi New CM: आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अवध ओझा ने कहा कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए थे, लेकिन दस दिन बाद भी बीजेपी दिल्ली का मुख्यमंत्री घोषित नहीं कर पाई है.

Delhi New CM: दिल्ली चुनाव के नतीजे आने के 10 दिन बाद भी बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री तय ना करने पर बीजेपी पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखा कटाक्ष किया है. आप नेता अवध ओझा ने कहा कि बीजेपी के पास अरविंद केजरीवाल जैसा विजनरी नेता नहीं है. दिल्ली को चलाना और आगे बढ़ाना केवल आम आदमी पार्टी को ही आता है.
उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने मानव संसाधन को लेकर जबरदस्त काम किया है. वहीं, चुनाव के नतीजे आए दस दिन हो चुके हैं, लेकिन बीजेपी अभी तक मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई है. इनके पास कोई नीति और चेहरा नहीं है. लड़ाई, झगड़ा, दंगा कोई भी कर ले, लेकिन राज्य चलाना और उसे सरप्लस स्टेट का दर्जा दिलवाना सबके बस की बात नहीं है.
आम आदमी पार्टी के नेता अवध ओझा ने कहा कि 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए थे, लेकिन आज दस दिन बाद भी बीजेपी दिल्ली का मुख्यमंत्री घोषित नहीं कर पाई है. नेता का वह सबसे बड़ा गुण, जिससे राष्ट्र और समाज का विकास होता है, वह उसका विज़नरी होना है कि क्या करने से समाज, परिवार और राष्ट्र आगे बढ़ेगा.
आम आदमी पार्टी पिछले दस साल से दिल्ली की सरकार चला रही थी, जिसमें हम मानव संसाधन पर काम कर रहे थे. आज दुनिया के जितने भी ताकतवर देश हैं, वह अपने मानव संसाधन के बल पर ही महाशक्ति बने हैं. चाहे वो अमेरिका जैसा देश हो, जहां 1787 में बड़ा स्लम एरिया था, चाहे वो जर्मनी, जापान या चीन हो, सबने अपने मानव संसाधन पर काम किया है. प्राकृतिक संसाधन होने के बावजूद, अगर आपका मानव संसाधन मजबूत नहीं होगा तो वह राष्ट्र कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा और मजबूत नहीं हो पाएगा. यह बात हमारे नेता अरविंद केजरीवाल को बिल्कुल स्पष्ट थी.
मानव संसाधन के दो सबसे मजबूत स्तंभ- अवध ओझा
अवध ओझा ने आगे कहा कि मानव संसाधन के दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं. पहला शिक्षा है और दूसरा स्वास्थ्य है. प्राचीन काल में जब भारत महाशक्ति था, तो पूरी दुनिया में लगभग सारे देशों के लोग भारत के नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए इच्छुक थे. फाह्यान जैसे लोग चीन से भारत पढ़ने आए. जब देश में शिक्षा उच्चतम स्तर पर थी, तो हमारा देश महाशक्ति था. जब देश में चरक और धन्वंतरि जैसे चिकित्सक थे, तो देश महाशक्ति था. इसी फार्मूले को ध्यान में रखते हुए अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देना शुरू किया कि हमारा मानव संसाधन जितना मजबूत होता चला जाएगा, उतना ही हमारा परिवार, समाज और उससे राष्ट्र मजबूत होगा.
अवध ओझा ने कहा, ''बीजेपी इस विज़न को डीकोड ही नहीं कर पा रही है. उसे पता ही नहीं चल पा रहा है कि करना क्या है? झगड़ा, लड़ाई, दंगा कराना तो कोई भी कर ले, लेकिन राज्य चलाना और उसे आगे लेकर जाना, उसे सरप्लस स्टेट का दर्जा दिलवाना सबके बस की बात नहीं है. आज बीजेपी के पास 48 विधायक हैं, लेकिन इनमें से उन्हें एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिल रहा है, जिसके पास केजरीवाल जैसा विज़न हो कि वह दिल्ली को आगे लेकर जाए. इनकी यह नाकामी पूरी दिल्ली प्रदेश की जनता देख रही है. मुझे लगता है कि ये लोग 20 फरवरी को भी शपथ नहीं ले पाएंगे, क्योंकि इस विकास धारा को आगे बढ़ाना और आगे लेकर चलना केवल हमारे नेता अरविंद केजरीवाल और हमारी पार्टी के ही बस की बात है. चुनाव बीते दस दिन हो गए अगर बीजेपी के पास नीति है बताए और चेहरा है तो दिखाए.''
बीजेपी पर अवध ओझा का तंज
इस दौरान अवध ओझा ने कहा कि अगर बीजेपी वाले मुझे बताएंगे कि ओझा जी हम अपना सीएम नहीं चुन पा रहे हैं तो मैं उन्हें जाकर यह बताने और सेवा देने के लिए तैयार हूं. वहीं अपनी हार और आगे की भूमिका पर अवध ओझा ने बताया कि आज मेरे पास एक विधानसभा है, जिसमें 46 हज़ार लोगों ने मुझ पर विश्वास जताया. मेरे पास 500 कार्यकर्ता हैं. कांग्रेस के उम्मीदवार की जमानत जब्त हुई. ऐसी उपलब्धि के बाद अब राजनीति से वापस जाने की ज़रूरत नहीं है.
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