सोनम वांगचुक को जबरन खाना खिलाएं नहीं तो हो जाएगी मौत, याचिका पर दिल्ली HC ने केंद्र से मांगा जवाब
Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिसको लेकर कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया है.

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 18 दिन से आमरण अनशन पर हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. अनशन के बीच सोनम वांगचुक की तबीयत बेहद खराब हो गई है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर उन्हें जल्द खाना नहीं खिलाया गया तो स्थिति डरावनी हो सकती है. अब सोनम वांगचुक के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार हो गया है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है. मामले की अर्जेंसी को समझते हुए हाई कोर्ट गुरुवार (16 जुलाई) यानी कल ही इसपर सुनवाई करेगा. आज अदालत में सरकार की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ.
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कोर्ट से अपील- सरकार को दें निर्देश
दरअसल, हाई कोर्ट को सबमिट की गई इस याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दे कि वे सोनम वांगचुक को तुरंत इलाज उपलब्ध कराएं. जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए.जीवन रक्षा के लिए जरूरी हो तो उन्हें जबरन भोजन भी खिलाया जाए.
सोनम वांगचुक के समर्थन में कई हस्तियां
जानकारी के लिए बता दें कि सोनम वांगचुक के समर्थन में देशभर से नेता और फिल्मी हस्तियां आ रही हैं. हाल ही में नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह समेत हजार से ज्यादा लोगों ने सोनम वांगचुक को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने संघर्ष का समर्थन किया है और आग्रह किया है कि सोनम अपना अनशन खत्म कर दें. वहीं, जीनत अमान ने केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने की अपील की है.
सोनम वांगचुक की हालत गंभीर, अनशन खत्म करने को राजी नहीं
सोनम वांगचुक 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वह NEET UG-2026 पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. भूख हड़ताल शुरू करने के बाद से वांगचुक का वजन 8.5 किलोग्राम घट गया है. यह भी बताया जा रहा है कि सोनम की मांसपेशियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं और उन्हें काफी तकलीफ हो रही है. जब उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने जवाब दिया 'मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए. सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही?'
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