(Source: ECI/ABP News)
MCD मेयर रेस से बाहर AAP, स्थायी समिति में उतारा अपना उम्मीदवार, BJP के लिए रास्ता साफ
MCD Mayor Election: सौरभ भारद्वाज ने मेयर चुनाव से दूरी बनाने के फैसले के साथ ही BJP पर हमला बोला. उनका कहना है कि केंद्र से लेकर नगर निगम तक सत्ता में होने के बावजूद BJP कोई ठोस बदलाव नहीं ला सकी.

दिल्ली की सियासत में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां आम आदमी पार्टी ने रणनीतिक कदम उठाते हुए मेयर चुनाव से दूरी बना ली है, लेकिन सत्ता के अहम केंद्र मानी जाने वाली स्थायी समिति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का फैसला किया है. इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
मेयर चुनाव से किनारा, लेकिन सत्ता के केंद्र पर नजर
आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस बार महापौर का चुनाव नहीं लड़ेगी. इसके उलट पार्टी ने शालीमार बाग वार्ड से पार्षद जलज कुमार चौधरी को एमसीडी की स्थायी समिति के लिए मैदान में उतार दिया है. यह फैसला नामांकन प्रक्रिया से ठीक पहले लिया गया, जिससे राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है.
बीजेपी पर निशाना, कामकाज पर उठाए सवाल
पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मेयर चुनाव से दूरी बनाने के फैसले के साथ ही बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उनका कहना है कि केंद्र से लेकर नगर निगम तक सत्ता में होने के बावजूद बीजेपी राजधानी में कोई ठोस बदलाव नहीं ला सकी है. उन्होंने दावा किया कि काम करने की समझ सिर्फ आम आदमी पार्टी के पास है.
रणनीति के पीछे जवाबदेही तय करने की सोच
आप नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से हटना एक सोची-समझी रणनीति है. पार्टी का कहना है कि इससे बीजेपी को एमसीडी चलाने का पूरा मौका मिलेगा और उसके प्रदर्शन को सीधे तौर पर जनता के सामने परखा जा सकेगा. इस बार मेयर चुनाव में कुल 273 वोट हैं, जिसमें पार्षदों के साथ विधायक और सांसद भी शामिल हैं, और जीत के लिए 137 वोट जरूरी होंगे.
स्थायी समिति में दांव, जमीनी काम का हवाला
एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने जलज चौधरी के नामांकन को अहम कदम बताया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रभाव वाले इलाके में रहने के बावजूद चौधरी ने लगातार जनता के मुद्दों पर काम किया है और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई है. ऐसे में उनका स्थायी समिति में पहुंचना जनप्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा.
बीजेपी का पलटवार, AAP पर बहुमत खोने का आरोप
वहीं बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि असल वजह पार्टी के अंदरूनी मतभेद और पार्षदों का लगातार पार्टी छोड़ना है. उनका दावा है कि AAP पहले ही एमसीडी में अपना बहुमत गंवा चुकी है और चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं है.
29 अप्रैल को होगा चुनाव, आंकड़ों का खेल दिलचस्प
दिल्ली नगर निगम में मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के तीन सदस्यों के लिए मतदान 29 अप्रैल को होना है. नामांकन की अंतिम तिथि गुरुवार शाम पांच बजे तय की गई है. वर्तमान में 250 सदस्यीय निगम में बीजेपी के पास 123 पार्षद हैं, जबकि AAP के 100 सदस्य हैं. वहीं, अन्य दल - इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15, कांग्रेस के नौ पार्षद हैं और दो पार्षद निर्दलीय शामिल हैं, जबकि वर्तमान में एक सीट खाली है. जो इस चुनाव का परिणाम को दिलचस्प बना सकते हैं.
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